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हृदय की बीमारी से ग्रसित मरीजों को जयपुर में मिलेगी सारी सुविधाएं, सीएम ने किया उद्घाटन

प्रदेश के हृदय की बीमारी से ग्रसित मरीजों को ट्रांसप्लांट के लिए निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा. अब प्रदेश के सबसे बडे सवाई मानसिंह अस्पताल में यह सुविधा शुरू हो गई है.

हृदय की बीमारी से ग्रसित मरीजों को जयपुर में मिलेगी सारी सुविधाएं, सीएम ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अंगदाता कार्ड का विमोचन किया.
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जयपुर: प्रदेश के हृदय की बीमारी से ग्रसित मरीजों को ट्रांसप्लांट के लिए निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा. अब प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल में यह सुविधा शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को अस्पताल परिसर में बनाए गए हृदय ट्रांसप्लांट ऑपरेशन हथिएटर का शुभारंभ किया. इसके बाद वह मेडिकल कॉलेज के सभागार में पहुंचे और यहां पर उन्होंने नवनिर्मित हार्ट ट्रांसप्लांट ऑपरेशन थियेटर, आईसीयूए सोटो कार्यालय तथा ई-लाईब्रेरी का लोकार्पण किया.

इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे समाज में चिकित्सक को भगवान का दर्जा दिया गया है. एक व्यक्ति किसी कारण से चिकित्सकों के साथ अभद्रता करता है तो सभी डॉक्टर्स स्ट्राइक पर चले जाते है. तब बड़ा दुख होता है कि एक व्यक्ति की वजह से समाज के इतने लोगों को इलाज से वंचित होना पड़ता है. कई बार तो मरीज को इलाज नहीं मिलने के कारण मौत भी हो जाती है.

गहलोत ने महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित ‘सत्य के प्रयोग’ को पढ़कर उसके नियमों को अपने जीवन में उतारने का आग्रह किया. इस दौरान उन्होंने डॉक्टर्स को संजय दत्त अभिनित फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस का जिक्र किया. गहलोत ने कहा कि गांधी जी के नियमों और सिद्धांतों को अपने जीवन में उतार लेने के बाद चाहे कुछ भी हो जाए आपलोग कभी भी स्ट्राइक पर जाने तो दूर की बात यह बात सोचेगें भी नहीं.

निजी अस्पताल एक प्रकोष्ठ तैयार करे
गहलोत ने कहा कि उनका हमेशा से शिक्षा और स्वास्थ्य प्राथमिकता रही है. ऐसे में उन्होंने निजी अस्पतालों को सुझाव देते हुए कहा कि निजी अस्पतालों को अलग से एक प्रकोष्ठ तैयार करना चाहिए जो कि गांव से अपने परिजनों का इलाज कराने के लिए आए और उनकी हैसियत पता करे. क्योंकि कई बार देखा गया है कि मरीज की मौत हो जाती है परिजन रो रहे होते हैं और निजी अस्पताल उन्हें डेडबॉडी नहीं देता है. अस्पताल प्रशासन की तरफ से कहा जाता है कि पहले वह बकाया बिल जमा कराए उसके बाद ही उन्हें मृतक का शव सुपुर्द किया जाएगा.

चिकित्सा मंत्री ने प्रस्ताव पारित होने का किया वादा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हृार्ट ट्रांसप्लांट ऑपरेशन थिएटर, आईसीयूए सोटो कार्यालय और ई-लाईब्रेरी का लोकार्पण करने के बाद मंच पर नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल बोलने आए तो उन्होंने शुरूआत ही इस अंदाज में की कि सभागार में बैठे सभी लोग ठहाके मारकर हंसने लगे. हालांकि धारीवाल की बात मजाकिया अंदाज में जरूर कही गई थी, लेकिन वह थी बहुत ही गंभीर.

धारीवाल ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी काम को पूरा करने के बेहतर मैन पावर और इंफ्रास्टर्कचर की आवश्कता होती है. इसके अलावा दूरदर्शिता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि एसएमएस अस्पताल की सडक़ के इस तरफ जरनल सर्जरी होती है उसकी दूसरी तरफ ट्रॉमा सेंटर बनाया गया है. मेरे ख्याल में बेहतर इलाज के लिए मरीज या उसके परिजनों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़े. इसके लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे एक ही परिसर में मरीज को उपचार की सभी सुविधाएं मिल सके.

धारीवाल ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी को कहा कि चिकित्सा विभाग में बहुत अच्छे काम हो रहे है. लेकिन बस उन्हें व्यवस्थित करने की आवश्यकता है. उन्होंने डॉ. भंड़ारी को कहा कि आपका हर प्रस्ताव मुख्यमंत्री अवश्य मंजूर करेंगे आप अपना प्रस्ताव बनाकर तो भेजे.

सीएम ने ली नगरीय विकास मंत्री की चुटकी तो ठहाकों से गूंज उठा सभागार
इसके बाद गहलोत ने नगरीय विकास मंत्री पर चुटकी लेते हुए कहा कि धारीवाल को चिकित्सा महकमे की खासी जानकारी है और उन्होंने कई अच्छे सुझाव भी दिए हैं. ऐसे में क्यों ना धारीवाल आपको अगली बार चिकित्सा मंत्री की जिम्मेदारी दे दी जाए. उनकी बात पर सभी की हंसी फूट पडी. हालांकि बाद में उन्होंने साफ कर दिया कि धारीवाल यूडीएच ही देखते रहेंगे. इस दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राजस्थान पहला प्रदेश होगा जहां जनता को राइट टू हेल्थ दिया जाएगा. प्रदेश को 10 और मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति मिल गई है और सरकार प्रदेश को चिकित्सा के क्षेत्र में नंबर वन बनाने का प्रयास कर रही है. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अंगदाता कार्ड का विमोचन किया. 

इस मौके पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, राष्ट्रीय अंग एवं उत्तक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) की निदेशक डॉ. बसंती रमेश, विधायक रफीक खान, अमीन कागजी, महादेव सिंह खंडेला, महापौर विष्णु लाटा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित थे.

एसएमएस के हृदय ट्रांसप्लांट ऑपरेशन थिएटर में अब मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा के तहत बनाए गए इस हार्ट ट्रांसप्लांट सेन्टर में वल्र्ड क्लास सुविधाओं युक्त आपरेशन थियेटर, 4 बेडेड हार्ट ट्रांसप्लांट आईसीयू, हार्ट फैलीयर मरीजों के लिए 10 बेडेड आईसीयू बनाया गया है. इसमें बायोमिट्रिक प्रवेश, 3डी ईको हार्ट एण्ड वेंटीलेटर,  मॉनीटर आदि लगाए गए हैं.इस सेंटर में कमजोर हार्ट और फेफडे के मरीजों के लिए जल्द ही एक्सट्रा कारपोरल मैम्ब्रेन ऑक्सीजनरेटर मशीन भी लगाई जा रही है.

सोटो कार्यालय भी खुला
अस्पताल में ही राज्य अंग एवं उत्तक प्रत्यारोपण संगठन (सोटो) का कार्यालय भी खुला है. यह देश का सातवां कार्यालय है. अंगदान होने की स्थिति में अंगदान आवंटन सोटो के माध्यम से ही किया जाता है. यह कार्यालय खुलने के बाद अब राज्य में भी अंग प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षारत मरीजों की सूची बन सकेगी साथ ही ब्रेन डैड हो चुके मरीजों के परिजनों को अंगदान के लिए तैयार भी किया जा सकेगा.

डिजीटल पुस्तकालय में मिलेगी जानकारी
इस लाइब्रेरी में बुक्स, जर्नल रिसर्च एवं डेटाबेस उपलब्ध मिलेगा. इसकी वेबसाइट पर वीडियो लाइब्रेरी भी बनाई गई है जिससे सभी डाटा को एक ही स्थान पर एक्सेस किया जा सकेगा. मेडिकल स्टूडेंट और फैकल्टी यहां पढाई भी कर सकते हैं.