कांग्रेस ने गठबंधन सरकार के लिए रखी शर्त, ठाकरे परिवार से नहीं होगा मुख्यमंत्री

इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने तीसरी जो शर्त रखी है वह यह है कि गठबंधन सरकार में 4 विधायकों पर 1 मंत्री बनाया जाए और स्पीकर भी कांग्रेस पार्टी का ही बने. 

कांग्रेस ने गठबंधन सरकार के लिए रखी शर्त, ठाकरे परिवार से नहीं होगा मुख्यमंत्री

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घमासान पर आज कांग्रेस वर्किंग कमेटी की नई दिल्ली में हुई बैठक में अहम निर्णय लिए जाने की बात सामने आई है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाने के लिए एनसीपी और शिवसेना के सामने तीन शर्ते रखी है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस चाहती है कि ठाकरे परिवार से सीएम ना हो. इसके साथ कांग्रेस ने जो पहली शर्त रखी है वह है कि एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाया जाए. दूसरी शर्त यह है कि तीनों पार्टियों के बीच एक समन्वय समिति बनें.

इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने तीसरी जो शर्त रखी है वह यह है कि गठबंधन सरकार में 4 विधायकों पर 1 मंत्री बनाया जाए और स्पीकर भी कांग्रेस पार्टी का ही बने. 

बता दें कि एनसीपी को सरकार बनाने के न्योता मिलने के बाद आज कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मुंबई जाएगा और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मिलेगा. खबरों की मानें तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और अहमद पटले आज दोपहर शरद पवार से मुलाकात करेंगे. खबर ये भी है कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शरद पवार से फोन पर बात की है. 

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट कर जानकारी दी, 'कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी शरद पवार जी से बात की है, आज सुबह मैं, अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे शरद पवार से आगे की बातचीत के लिए मुंबई जाएंगे.'

आज NCP को रात 8 बजे तक राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करना है. लेकिन अभी तक कांग्रेस पार्टी ने अपना रुख एनसीपी को साफ नहीं किया है.कभी कांग्रेस पार्टी यह कहती रही कि राज्य नेतृत्व इसपर निर्णय करेगा तो कभी कांग्रेस नेताओं ने गेंद पार्टी आलाकमान के पाले में फेंक दी. महाराष्ट्र में कांग्रेस के 44 विधायक हैं और उनमें से 40 विधायक जयपुर में ठहरे हुए है.

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बता दें कि मंगलवार सुबह नई स्थित सोनिया गांधी के निवास पर महाराष्ट्र को लेकर बैठक हुई. इस बैठक में एके एंटनी और केसी वेणुगोपाल पहुंचे. इस बैठक में तय हुआ है कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मुंबई जाएगा.  वैसे NCP और कांग्रेस के नेताओं में आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। जो कि गठबंधन से पहले अच्छा संकेत नहीं है.