शिवसेना की सरकार में कांग्रेस का तीसरे नंबर की पार्टी बनना दफन होने जैसा: संजय निरुपम

संजय निरुपम ने महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं को सलाह देते हुए कहा, 'कांग्रेस आलाकमान पर इतना दबाव ना डालें. बेहतर होगा कि हम विपक्ष में बैठें.'  

शिवसेना की सरकार में कांग्रेस का तीसरे नंबर की पार्टी बनना दफन होने जैसा: संजय निरुपम
(फोटो साभार - ANI)

मुंबई: महाराष्ट्र में शिवेसना और एनसीपी के साथ गठबंधन सरकार की कोशिशों पर कांग्रेस नेता संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) का बड़ा बयान आया है. मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम ने कहा कि कांग्रेस की यूपी बिहार वाली गलती महाराष्ट्र में भी होने वाली है. कांग्रेस नेता ने कहा है कि महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन की सरकार लंबे समय तक नहीं चलेगी. उन्होंने कहा कि यह सरकार लूली-लंगड़ी सरकार होगी और यह निर्णय कांग्रेस पार्टी के घातक साबित होने वाला है.

संजय निरुपम ने महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं को सलाह देते हुए कहा, 'कांग्रेस आलाकमान पर इतना दबाव ना डालें. बेहतर होगा कि हम विपक्ष में बैठें.'  

कांग्रेस नेता ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी ने जैसे यूपी-बिहार में गलती की थी वो यहां भी होने वाला है. तीन पार्टियों की सरकार नहीं चल सकती.'

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निरुपम ने कहा 'वर्षों पहले उत्तर प्रदेश में बीएसपी के साथ गठबंधन करके कांग्रेस ने गलती की थी.तब से ऐसी पिटी कि आज तक नहीं उठ पाई. महाराष्ट्र में हम वही गलती कर रहे हैं. शिवसेना की सरकार में तीसरे नंबर की पार्टी बनना कांग्रेस को यहां दफन करने जैसा है. बेहतर होगा,कांग्रेस अध्यक्ष दबाव में न आएं.' यह बात संजय निरुपम ने अपने गुरुवार के ट्वीट में कही.

महाराष्ट्र: कुर्सी के लिए 'सेक्युलर' बनने को तैयार शिवसेना, कल सरकार गठन पर फैसला संभव
महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर उधेड़बुन में लगी शिवसेना (Shivsena) अब 'सेक्युलर' बनने तक को तैयार है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हिंदुत्व का राग अलापने वाली शिवसेना के नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने यहां तक कह दिया कि शिवसेना तो पहले से ही सेक्युलर है. इससे पहले कांग्रेस (Congress) ने शिवसेना के सामने उग्र हिंदुत्व को छोड़कर "सेक्युलर"  होने की शर्त रखी थी.

आपको बता दें कि बुधवार रात (20 नवंबर) को एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार (Sharad Pawar) की शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) से बातचीत हुई. जिसमें पवार ने "कॉमन मिनिमम प्रोग्राम" के तहत शिवसेना से सेक्युलर रहने की बात की. शिवसेना नेता ने इसपर सहमति भी जता दी है. यानि सरकार बनाने के लिए शिवसेना किसी भी तरह के शर्त मानने से परहेज नहीं कर रही है. 

अब माना यह जा रहा है कि इससे पहले शायद कांग्रेस और NCP के दबाव में ही उद्धव ठाकरे ने इस महीने अयोध्या जाने का प्रोग्राम रद्द कर दिया था. अब सवाल यह उठता है कि क्या सीएम की कुर्सी के लिए शिवसेना अपने हिंदुत्व के विचाधारा से समझौते को भी तैयार हो जाएगी.