राजस्थान में अब बीजेपी के बाद कांग्रेस पार्टी शुरू करेगी सदस्यता अभियान

प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव महेश शर्मा ने बताया कि राजस्थान में 1 अक्टूबर से कांग्रेस का सदस्यता अभियान शुरू होगा. 

राजस्थान में अब बीजेपी के बाद कांग्रेस पार्टी शुरू करेगी सदस्यता अभियान

जयपुर: राजस्थान में 2 चुनाव और निकाय चुनाव की जंग से पहले मेंबरशिप कैंपेन में कांग्रेस, भाजपा से बुरी तरह से पिछड़ चुकी है. सीपीयू की भाजपा जहां अपना सदस्यता अभियान कल पार्टी के सदस्य की संख्या एक करोड़ पार पहुंचा चुकी है. 

वहीं, राजस्थान में कांग्रेस का सदस्यता अभियान अभी तक शुरू ही नहीं हुआ है. जब चुनाव सर पर आए तब कांग्रेस को 1 अक्टूबर से मेंबरशिप अभियान चलाने की सूझी. दरअसल, राजस्थान में सदस्यता अभियान में भाजपा से पिछड़ चुकी कांग्रेस का निकाय चुनाव से पहले एक बार फिर से मेंबरशिप अभियान का आगाज करने जा रही है. 

प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव महेश शर्मा ने बताया कि राजस्थान में 1 अक्टूबर से कांग्रेस का सदस्यता अभियान शुरू होगा. बता दें कि, 1 अक्टूबर को जयपुर में कांग्रेस का पीसीसी अधिवेशन है. इस अधिवेशन की ठीक बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे लोगों को घर-घर जाकर पार्टी का मेंबर बनाएंगे.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा है कि कांग्रेस भाजपा की तरह मिस कॉल के जरिए फर्जी मेंबर बनाने में यकीन नहीं रखती लेकिन डोर टू डोर मेंबरशिप अभियान के साथ कांग्रेस इस बार ऑनलाइन सदस्यता अभियान भी चलायेगी. जिसमें लोगों को ऑनलाइन पूरी डिटेल के साथ कांग्रेस का मेंबर बनने का ऑप्शन दिया जाएगा. 

पीसीसी में कांग्रेस की आईटी सेल मेंबरशिप अभियान की तैयारियां कर रही है, लेकिन सच यही है की राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी 1 महीने पहले ही अपना सदस्यता अभियान खत्म हो चुकी है, भाजपा के नेताओं का दावा है कि राजस्थान में उसके सदस्यों की संख्या एक करोड़ को पार कर चुकी है.

वहीं, उनकी मेंबरशिप के आगे कांग्रेस का आंकड़ा महज 23 लाख ही है. राजस्थान में दो उपचुनाव और निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की लोगों को पार्टी से जोड़ने की जद्दोजहद बेशक जरूरी नजर आती. यह भी सच है कि सत्ता और संगठन में तालमेल के चलते यह अभियान काफी देरी से शुरू हो रहा है. चुनाव की व्यस्तता के साथ सदस्य अभियान किस तौर पर सिरे चढ़ आएगा इसमें संदेह है.