राजस्थान: RCA में नहीं थम रहा विवाद, अब BCCI के सामने रिपोर्ट पेश करेंगे टीएस कृष्णमूर्ति

आरसीए चुनाव की मतदाता सूची में वैसे तो 35 जिला संघों के सचिव मतदाता हैं. जिनमें से 27 मतदाताओं पर दोनों गुटों की सहमति हैं.

राजस्थान: RCA में नहीं थम रहा विवाद, अब BCCI के सामने रिपोर्ट पेश करेंगे टीएस कृष्णमूर्ति
27 मतदाताओं पर दोनों गुटों की सहमति हैं.

जयपुर: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में इतने विवाद है कि अब इसको कंट्रोवर्सी एसोसिएशन भी कहा जाने लगा है. RCA एकबार फिर से सुर्खियों में है. कारण है आज RCA में वोटर लिस्ट पर हो रही सुनवाई. जिसे बीच में ही छोड़कर चुनाव अधिकारी टीएस कृष्णमूर्ति चले गए हैं. उन्होंने कहा है कि वो अब इस पूरे विवाद की रिपोर्ट बीसीसीआई को ही सौंपेंगे. आपको बता दें कि RCA में चुनाव कराने को लेकर काफी विवाद चल रहा है. नांदू गुट और जोशी गुट ने अपने अपने मुताबिक चुनाव की तिथियां घोषित कर रखी हैं. दोनों ही गुटों ने टीएस कृष्णमूर्ति को ही चुनाव अधिकारी तैनात कर रखा है.

दरअसल, नांदू गुट के साथ रामेश्वर डूडी आ चुके हैं, और सीपी जोशी गुट ने भी आरसीए में दो चुनाव की घोषणा कर दी है. पहले डूडी गुट ने अपना चुनाव अधिकारी टीएस कृष्णमूर्ति को बनाकर 22 सितंबर के चुनाव की घोषणा की तो, बीसीसीआई की सीओए ने चुनाव अधिकारी कृष्णमूर्ति को अधिकृत कर दिया और उनसे निर्गुट एक चुनाव का आह्वान किया. इस पर कृष्णमूर्ति ने 27 सितम्बर को चुनाव कराने की घोषणा कर संशोधित कार्यक्रम जारी किया, लेकिन साथ ही चुनाव अधिकारी ने मतदाता सूची को बरकरार रखा. जिस पर जोशी गुट ने आपत्ति जताते हुए इसे नहीं मानकर अपना अलग चुनावी कार्यक्रम 4 अक्टूबर का जारी कर दिया. इसमें भी उन्होंने कृष्णमूर्ति को अपना चुनाव अधिकारी बताया लेकिन अलग से अपनी मतदाता सूची जारी की. साथ ही सहायक चुनाव अधिकारी महावीर प्रसाद शर्मा को बनाया. हालांकि, इसके पीछे स्पोटर्स एक्ट का हवाला दिया गया.

आरसीए चुनाव की मतदाता सूची में वैसे तो 35 जिला संघों के सचिव मतदाता हैं. जिनमें से 27 मतदाताओं पर दोनों गुटों की सहमति हैं. मतलब दोनों गुटों की सूची में 27 जिला संघों के नाम समान है लेकिन अजमेर, दौसा, डूंगरपुर, पाली, सवाईमाधोपुर, श्रीगंगानगर और टोंक जिला संघों में दोनों ही गुटों की मतदाता सूची में अलग-अलग नाम होने की वजह से विवाद खड़ा हो रहा है.

बहरहाल, आरसीए में जारी विवादों की घमासान के बीच आपसी सहमति से लेकर भले ही कई तरह की चर्चाएं जोर पकड़ रही हो लेकिन चुनावी घमासान में उतरने के बाद दोनों गुटों के लिए ये विवाद 8 जिला संघ समीकरण बना भी सकते हैं और बिगाड़ भी सकते हैं. ऐसे में वोटर लिस्ट पर आधी अधूरी सुनवाई क्या गुल खुलाएगी ये तो बीसीसीआई के आगे रखी जाने वाली टीएस कृष्णमूर्ति की रिपोर्ट ही तय करेगी.

--सतेंद्र यादव, न्यूज डेस्क