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राजस्थान: सहकारिता विभाग किसानों की खरीद के ऑनलाइन सिस्टम को करेगा बेहतर और पारदर्शी

सहकारिता विभाग (Coperative Department) राजफैड किसानों से होने वाली ऑनलाइन खरीद(Onlien Purchasing) की व्यवस्था को और बेहतर और पारदर्शी(Transparent)बनाने के प्रयास करेगा.

राजस्थान: सहकारिता विभाग किसानों की खरीद के ऑनलाइन सिस्टम को करेगा बेहतर और पारदर्शी
सहकारिता किसानों की बेहतरी के लिए बदलाव करने जा रही है. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: सहकारिता विभाग (Coperative Department) राजफैड किसानों से होने वाली ऑनलाइन खरीद (Onlien Purchasing) की व्यवस्था को और बेहतर और पारदर्शी(Transparent) बनाने के प्रयास करेगा. किसानों को अपनी उपज बेचने के 7 दिन में भुगतान को सुनिश्चित करने के लिये प्रयास किये जाएंगे. इसके लिये ऑनलाइन व्यवस्था(Online System)में सुधार किया जा रहा है.
 
सहकारिता के प्रमुख सचिव नरेशपाल गंगवार ने बस्सी स्थित क्रय विक्रय सहकारी समिति एवं ग्राम सेवा सहकारी समिति के निरीक्षण के दौरान उपस्थित किसानों से उनकी समस्याओं के बारे में बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि राजफैड, खरीद केंद्र एवं आरएसडब्लूसी के भंडार गृहों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिये तीनों को समर्थन मूल्य ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से जोड़ा जा रहा है, जिससे गोदाम में माल जमा होते ही राजफैड को तुरंत वेयरहाउस रसीद प्राप्त हो जाये.

उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिये कृषि एवं सहकारिता विभाग तत्परता से कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद को लेकर तैयारियां की जा रही है. उन्होंने कहा कि क्रय-विक्रय सहकारी समितियों एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद एवं बीज के भण्डारण एवं वितरण की व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिये राजफैड के स्तर से खाद का बफर स्टॉक करने का निर्णय किया गया है.

उन्होंने बस्सी ग्राम सेवा सहकारी समिति के विजिट के दौरान सहकारी फसली ऋण ऑनलाइन पंजीयन एवं वितरण योजना के पात्र किसानों से बातचीत की. इस मौके पर किसानों ने बताया कि इस व्यवस्था से हमारी बहुत सारी समस्यायें दूर हो गयी हैं तथा सीधा फसली ऋण खाते में जमा हो जाने से आवश्यकता अनुसार उसका उपयोग ले सकते हैं. गंगवार को प्रबंध निदेशक, अपेक्स बैंक इंदर सिंह ने ऑनलाइन पंजीयन एवं वितरण की संपूर्ण प्रक्रिया का लाइव डेमो देकर बताया कि इस नवीन व्यवस्था के तहत स्थानीय विवेकाधिकार पूरी तरह समाप्त हो गया है और किसान के साथ स्थानीय स्तर पर भेदभाव नहीं हो सकेगा एवं उसकी योग्यता के अनुसार फसली ऋण मिल पायेगा.

गंगवार ने कहा कि सहकारी ऋण वितरण की यह व्यवस्था निश्चित तौर पर सहकारिता के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव है. इससे पहले श्री गंगवार ने दुर्गापुरा कृषि केन्द्र, जयपुर स्थित प्रशिक्षण केन्द्रों का विजिट कर जानकारी प्राप्त की.