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आमेर के शिलामाता मंदिर में गूंजा माता का जयकारा, उमड़ी भक्तों की भीड़

आमेर शिलामाता की प्रतिमा को साक्षात देवी का मानी जाती है. हर साल शिलामाता के दर्शन को दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

आमेर के शिलामाता मंदिर में गूंजा माता का जयकारा, उमड़ी भक्तों की भीड़
कई भक्त जयकारों के साथ दंडवत करते हुए माता के दर्शन के लिए आ रहे हैं.

दामोदर प्रसाद/जयपुर: विश्व पर्यटन नगरी कही जाने वाली आमेर इन दिनों माता के जयकारों से गुंजयमान हो गया है. 9 दिन तक चलने वाले शारदीय नवरात्रों में भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है. वहीं, आमेर के शिलामाता मंदिर में भक्त हाथों में माता का ध्वजा लिए, जयकारों के साथ दंडवत करते हुए माता के दर्शन के लिए आ रहे हैं. आमेर महल के शिलामाता मंदिर में दूर दराज से भक्त माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं. 

बता दें कि आमेर शिलामाता की प्रतिमा को साक्षात देवी का मानी जाती है. शिलामाता के दर्शन को दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन को पहुंच रहे हैं. पिछले कई सालों से कई भक्त शिलामाता मंदिर में दर्शन के लिए आते है. ऐसे ही माता के एक भक्त ने बताया की वह पिछले 14 साल से माता के दर्शन करने आ रहा है. इस मंदिर की भक्तों में बहुत आस्था है.

भक्तों की मानें तो माता के इस मंदिर में जो व्यक्ति सच्चे दिल से मन्नत मांगता है उसकी मुराद माता रानी जरूर पूरी करती हैं. यहां तक कि कुछ भक्त माता के दर पर 20 सालों से लगातार आमेर शिलामाता मंदिर दर्शन के लिए पहुंच रहे है.वहीं, शारदीय नवरात्र मेला में जिला प्रशासन की ओर से दर्शनार्थियों के लिए खासे इंतजाम किए गए है. सुरक्षा की बात करें तो आमेर शिलामाता मंदिर में करीब 300 से अधिक पुलिस, आरएसी, होमगार्ड के जवान तैनात किए गए है. जिससे माता के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो सके.

सुरक्षा में कोई चूक नहीं हो इसके लिए महल प्रशासन की ओर से सीसीटीवी कैमरे से भी नजर बनाए हुए है. श्रद्धालुओं के लिए वाहनों के लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है. साथ ही महल प्रशासन को ओर से भी आमेर महल आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट बुकिंग के लिए सिंहपोल गेट पर व्यवस्था की गई है. पर्यटकों को निकासी के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे माता के भक्तों में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो.

बता दें कि शारदीय नवरात्रा के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी माता की पूजा अर्चना की गई. वहीं, तीसरे नवरात्रा पर चंद्रघंटा माता की पूजा अर्चना की जाएगी. शिलामाता मंदिर में इस बार 18 वर्ष तक के युवाओं में माता के प्रति भक्ती देखी जा रही है. अधिकतर भक्त दंडवत करते, हाथों में दीपक की लो लिए, माता के ध्वजा के साथ जयकारों के साथ शिलामाता मंदिर पहुंच रहे हैं.