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मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद एक शहर दो मेयर के फैसले ने प्रशासन की तैयारियों पर फेरा पानी

मतदाता सूची से लेकर वार्डों का परिसिमन, मतदान केंद्रों की संख्या और वार्डों के आरक्षण की लॉटरी अब नए सिरे से करनी होगी

मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद एक शहर दो मेयर के फैसले ने प्रशासन की तैयारियों पर फेरा पानी
एक शहर दो मेयर के फैसले ने प्रशासन की तैयारियों पर फेरा पानी

दीपक गोयल,कोटा: जोधपुर और जयपुर में एक शहर दो नगर निगम और दो मेयर के फैसले के बाद  जिला प्रशासन की सभी तैयारियों पर पानी फिर गया है.मतदाता सूची से लेकर वार्डों का परिसिमन, मतदान केंद्रों की संख्या और वार्डों के आरक्षण की लॉटरी नए सिरे से करनी होगी. नवंबर माह में प्रस्तावित निकाय चुनावों को लेकर जयपुर में नगर निगम की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन आज कर दिया गया था.मतदाता सूची प्रिंटिंग होने के लिए भेजी जा चुकी थी लेकिन नवंबर में चुनाव नहीं होने के फैसले के बाद तुरंत प्रभाव से प्रिंटिंग होने से रोक दी गई.
जयपुर नगर निगम के चुनाव अब नवंबर में नहीं होकर आगामी छह माह के भीतर होंगे.और जयपुर नगर निगम में अब एक मेयर और 150 वार्ड की जगह दो नगर निगम और 250 वार्डों में पार्षद चुने जाएंगे.पहली नगर निगम  हेरिटेज जयपुर नगर निगम होगी. इस नगर निगम में 100 वार्ड होंगे. साथ ही दूसरी नगर निगम ग्रेटर जयपुर नगर निगम होगी इस नगर निगम में 150 वार्ड शामिल होंगे.यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने प्रेसवार्ता कर नए फैसले के अनुसार जयपुर,कोटा और जोधपुर में दो नगर निगम और दो मेयर होने की जानकारी दी .सरकार के फैसले की जानकारी मिलते ही प्रशासन के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए.अब जिला प्रशासन को नगर निगम चुनावों के लिए नए सिरे से वार्डों का परिसिमन करना होगा.साथ ही मतदाता सूची, मतदान केंद्रों की संख्या और वार्डो के आरक्षण की लॉटरी भी नए सिरे से करनी होगी.जिला प्रशासन ने आज नगर निगम की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन भी कर दिया था.जिसमें 22 लाख 5 हजार 79 मतदाता 150 पार्षदों को चुनकर भेजते.लेकिन अब जयपुर के दो नगर निगम 250 पार्षदों को चुनकर भेजेंगे.धर नगर निगम चुनाव के लिए कार्मिकों के ड्यूटी लगाने के आदेशों को भी फिलहाल रोक दिया गया है

यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने बताया की इन तीनों ही शहरों में 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी के आधार पर वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया जाएगा. ऐसे में अब नवंबर में होने वाले इन नगर निगम के चुनाव नहीं होंगे.इनमें वार्ड परिसीमन का काम भी नए सिरे से होगा.इस प्रक्रिया में करीब 6 माह का समय लगेगा.ऐसे में नगर निगम चुनाव आगामी छह माह के तहत करवाए जाएंगे. जबकि शेष नगर निगम में चुनाव निर्धारित समय पर ही होंगे.तीनों शहरों की नगर निगम का वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल 27 नवंबर को पूरा हो रहा है ऐसे में 27 नवंबर के बाद इन निगमों में नवंबर के बाद बोर्ड को भंग कर दिया जाएगा और इनकी जगह प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे, जो नगर पालिका एक्ट के प्रावधान के अनुसार निगम का संचालन कर सकेंगे.तीनों शहरों में बनने वाली नगर निगमों के लिए अलग-अलग भवन की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन जब तक भवन की व्यवस्था नहीं होती है तब तक मौजूदा भवनों में ही दोनों के लिए बैठने की व्यवस्था की जाएगी

जयपुर, जोधपुर और कोटा में जनसंख्या 10 लाख से ज्यादा हो गई है ऐसे में वार्ड बड़ा होने से पार्षद अपने क्षेत्र में विकास कार्य को बेहतर तरीके से नहीं करवा सकते.गत जून और अगस्त माह में तीनों शहरों में परिसिमन कर वार्ड बढाए थे.सरकार ने उस नोटिफिकेशन को विसर्जित कर दिया है