राजस्थान सरकार नई औद्योगिक नीति के जरिए जल्द लेगी जमीन अधिग्रहण का निर्णय

प्रदेश के उद्योग महकमे और रीको की कोशिश हैं कि नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए पहले बंजर और सरकारी भूमि को प्राथमिकता दी जाए. 

राजस्थान सरकार नई औद्योगिक नीति के जरिए जल्द लेगी जमीन अधिग्रहण का निर्णय
नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने से पहले निवेश प्रस्ताव लिए जाएंगे.

जयपुर: राजस्थान के 12 जिलों में जल्द ही औद्योगिक जमीन होगी. जयपुर, जोधपुर, कोटा, बाड़मेर, भीलवाड़ा, अजमेर, राजसमंद, सवाई माधोपुर, नागौर, दौसा और सिरोही में निवेश आकर्षित करने की कोशिशों में है. नई औद्योगिक नीति जारी होने के बाद इनकी घोषणा की जाएगी. नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने से पहले निवेश प्रस्ताव लिए जाएंगे. इसके बाद ही जमीन अधिग्रहण का निर्णय लिया जाएगा.

प्रदेश के उद्योग महकमे और रीको की कोशिश हैं कि नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए पहले बंजर और सरकारी भूमि को प्राथमिकता दी जाए. रीको ने बीते दो महीने में 305 करोड़ रूपए के 125 औद्योगिक भूखंडों की बिक्री की है. फिलहाल मांग क्षेत्र में सिरोही, अजमेर, अलवर, एनसीआर, बाड़मेर, भरतपुर, धौलपुर ,भीलवाड़ा, जोधपुर, जैसलमेर, जयपुर, चुरू, श्रीगंगानगर और सवाई माधोपुर है.

वहीं अब गहलोत सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर औद्योगिक क्षेत्रों के आवंटन की तैयारी की है. रीको ने बीते चालु वित्त में ही 1300 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ 150 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि आवंटन को अंतिम रूप दिया है. रीको की ओर से जयपुर, जोधपुर, कोटा, बाड़मेर, भीलवाड़ा, अजमेर, राजसमंद, सवाई माधोपुर, नागौर, दौसा और सिरोही जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे. 

रिफाइनरी के आसपास के क्षेत्र में एक नया एकीकृत औद्योगिक कॉरिडोर भी विकसित किया जा रहा है. इसके लिए सलाहकार फर्म का चयन अंतिम दौर में है. उद्योग विभाग नये निवेशों सेक्टर आधारित इंवेस्टमेंट पर फोकस कर रहा है. इसमें एफडीआई निवेश, इलेक्ट्रिकल, ऑटोमेटिव, लाइट इंजीनियरिंग, धातु और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में निवेश शामिल है.

राजस्थान तीन तरीके से नए इंवेंसटमेंट को आकर्षित करने में लगा हुआ, इसमें प्रदेश में उपलब्ध कच्चा मॉल, एग्री कल्चर क्रॉप, माइंस एंड मिनरल्स, राजस्थान का बाजार और एनसीआर का 23 प्रतिशत हिस्सा पूरे भारत की औद्योगिक संभावनाओं को आकर्षित कर सकता है. इसके लिए अलग से कुछ प्रस्ताव भी उद्योग विभाग ने तैयार किया है.

भूखण्डों की बिक्री और राजस्व में इजाफे के साथ, रीको प्रबंधन ने भूमि के विकास और नये औद्योगिक क्षेत्रों की योजना बनाने और मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों की हालत सुधारने पर काम तेज किया है. राजस्थान नई नीतियों और प्रभावी टीम के साथ निवेश संभावनाओं को आकर्षित कर रहा है. प्रदेश का भविष्य भी औद्योगिक विकास के साथ जुड़ा है. नए निवेश से रोजगार अवसरों में इजाफे की उम्मीद है. राजस्थान सरकार को नए औद्योगिक निवेशक से पचास हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार की उम्मीद है. 12 नए औद्योगिक क्षेत्रों में से चार इस वर्ष विकसित करने का प्लान है. मंदी के इस दौर में भी प्रदेश में निवेशकों के आने की आस में प्रदेश सरकार है.