केंद्र सरकार से मिले लक्ष्य से दोगुना पौधे लगाएगी दिल्ली सरकार- गोपाल राय

दिल्ली (Delhi) के यमुना बैंक के पास आईटीओ (ITO) स्थित नर्सरी में वृक्षारोपण कर ‘पौधे लगाओ, पर्यावरण बचाओ’ महा अभियान की शुरुआत की. इस दौरान वन विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे.

केंद्र सरकार से मिले लक्ष्य से दोगुना पौधे लगाएगी दिल्ली सरकार- गोपाल राय
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय

नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के यमुना बैंक के पास आईटीओ (ITO) स्थित नर्सरी में वृक्षारोपण कर ‘पौधे लगाओ, पर्यावरण बचाओ’ महा अभियान की शुरुआत की. इस दौरान वन विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे. पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार से मिले 15 लाख वृक्षारोपण के लक्ष्य की जगह दोगुना (31 लाख) पौधारोपण करने फैसला लिया है. 

आगामी 26 जुलाई तक चलने वाले पखवाड़े के इस महा अभियान की आज शुरूआत की गई है. उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत लगभग 20 लाख बड़े पौधे लगाए जाएंगे और करीब 11 लाख छोटी-छोटी झाड़ियां, छोटे पौधे व दवाइयों के पौधे लगाए जाएंगे. दिल्ली का कोई भी नागरिक वन विभाग की 14 नर्सरियों से निशुल्क पौधे प्राप्त कर पर्यावरण बचाने में अपना योगदान दे सकता है.

दिल्ली के लोगों के उपर जिस तरह से कोरोना महामारी का संकट मंडरा रहा है. उसी तरह, हर साल दिल्ली वालों की सांसों के उपर भी प्रदूशण का संकट आता है और उससे दिल्ली के लोग अपनी जिंदगी बचाने के लिए जूझते हैं. आज दिल्ली कोरोना महामारी से लड़ रही है. हमें इस बात की खुशी है कि सबके सहयोग से लगातार कोरोना संक्रमण का प्रतिशत घट रहा है.

दिल्ली में 10 से 26 जुलाई तक चलेगा वृक्षारोपण महा अभियान का पखवाड़
दिल्ली के अंदर प्रदूशण से हमारी जिंदगी के उपर खतरा मंडराता रहता है. इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया था. लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी, दिल्ली सरकार, पर्यावरण विभाग और वन विभाग ने मिल कर यह तय किया है कि जो लक्ष्य हमें केंद्र सरकार से मिला है, उससे हम दोगुना काम करेंगे. आज से दिल्ली के अंदर इस साल के लिए 31 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य की शुरूआत हो गई है. दिल्ली के अंदर ‘पौधे लगाओ, पर्यावरण बचाओ’ अभियान के तहत आज से यह पखवाड़ा शुरू हो गया है. 

10 से 26 जुलाई तक यह अभियान सघन रूप से चलेगा और उसके बाद अलग-अलग हिस्सों में इसे जारी रखा जाएगा. इस अभियान के तहत 31 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, उसमें लगभग 20 लाख बड़े पौधे लगाए जाएंगे. साथ ही, करीब 11 लाख छोटी-छोटी झाड़ियां, छोटे पौधे, दवाइयों के पौधे लगाए जाएंगे. जिसमें करीब 18 लाख पौधा दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभागों के द्वारा लगाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा, डीडीए द्वारा करीब 9 लाख, एमसीडी और एनडीएमसी द्वारा करीब 2 से 2.5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही अन्य विभागों के द्वारा भी लगभग 1.5 से 2 लाख पौधे लगाए जाएंगे.

आईटीओ नर्सरी के 7 एकड़ भूमि में वृक्षारोपण किया जाएगा
दिल्ली के अंदर वन विभाग की 14 नर्सरी है, जिसमें निशुल्क पौधे उपलब्ध कराएं जाएंगे. दिल्ली का कोई भी नागरिक पर्यावरण को बचाने में अपना योगदान देना चाहता है, तो वह नर्सरी से जाकर पौध ले सकता है और पौधारोपण करके पर्यावरण को बचाने में अपना योगदान दे सकता है. आज से जो अभियान शुरू हुआ है, इसमें दिल्ली के अलग-अलग मंत्री अलग-अलग जिलों में इसका नेतृत्व करेंगे. आईटीयो नर्सरी में आज पौधारोपण की शुरूआत की गई है. यहां पर लगभग 7 एकड़ भूमि में वृक्षारोपण का कार्य किया जाएगा. इसी तरह, दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में जगह चिंहित किया गया है, जहां पर वृक्षारोपण किया जाएगा.

13 जुलाई को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अभिायान का नेतृत्व करेंगे
13 जुलाई को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जी इस अभियान का नेतृत्व करेंगे. 15 जुलाई को दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत जी और कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम जी अभियान का नेतृत्व करेंगे. आगामी 20 जुलाई को कैबिनेट मंत्री ईमरान हुसैन, 22 जुलाई को कैबिनेट मंत्री सतेंद्र जैन, 24 जुलाई को विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल जी अभियान का नेतृत्व करेंगे. 26 जुलाई को दिल्ली के अंदर सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में सभी विधायकों के नेतृत्व में यह अभियान चलेगा. जिससे कि हम दिल्ली के अंदर कोरोना के इस संकट के दौर में भी भविष्य में पर्यावरण को लेकर जो संकट है, उससे निपटने के लिए अभियान को सफल बना सकें.

हर साल पराली का संकट आता है, इसके लिए जल्द ही पहल शुरू करेंगे
वृक्षारोपण के साथ-साथ पर्यावरण बचाने के लिए और भी जो उपाय है, उस पर भी सरकार अपना काम करेगी. सभी विभाग कोरोना से पहले पर्यावरण व प्रदूषण की स्थिति और कोरोना संक्रमण व लाॅकडाउन के दौरान पर्यावरण व प्रदूषण की स्थिति और उसके बाद की स्थितियों पर भी अध्यान कर रहे हैं. जिसके आधार पर सरकार आगे काम करेगी. साथ ही साथ, पर्यावरण को लेकर कमेटियां हैं, हम उन कमेटियों के साथ मिल कर और पड़ोसी राज्यों के साथ भी संपर्क करके भी काम करेंगे. हर साल पराली का संकट आता है, उसके लिए भी जल्द ही पहल शुरू करेंगे, ताकि आगामी दिनों में, खासकर जाड़े के मौसम में जो संकट आता है, पहले से उसकी तैयारी करके, उसके सामाधान की तरफ बढ़ा जा सके.

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सभी विभागों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस कोरोना संकट के दौरान भी पर्यावरण, वन और प्रकृति को लेकर जो हमारी प्रतिबद्धता है, उसके तहत आज से यह महा अभियान शुरू हो रहा है. हमें उम्मीद है कि हम 26 जुलाई तक इस महा अभियान की सफलता के साथ आगे बढ़ेंगे.