दिल्ली: रामलीला के किरदारों को निभाते मंच पर नजर आएंगे सासंद, केंद्रीय मंत्री और विधायक

रामलीला में केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डा. हर्षवर्धन राजा जनक का किरदार निभाएंगे. 

दिल्ली: रामलीला के किरदारों को निभाते मंच पर नजर आएंगे सासंद, केंद्रीय मंत्री और विधायक
(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: चुनाव की सरगर्मी तेज होते ही नेताओं ने जनता से जुड़ने के लिये हरसंभव तरीके अपनाते हुये अब रामलीला के मंच का भी सहारा ले लिया है. इस दौड़ में केन्द्रीय मंत्री से लेकर सांसद विधायक तक शामिल हो गये है. 

दिल्ली की ऐतिहासिक ‘लालकिले की रामलीला’ के मंच पर पहली बार पहुंचे विभिन्न दलों के नेताओं में केन्द्रीय मंत्री डा. हर्षवर्धन और विजय सांपला के अलावा भाजपा, आप और राजद के सांसद एवं विधायक भी शामिल हैं. 

रामलीला में केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डा. हर्षवर्धन राजा जनक का किरदार निभायेंगे जबकि सांपला पार्वती के पिता हिमालय की भूमिका में रामलीला के मंच पर दिखेंगे.

चांदनी चौक से सांसद डा. हर्षवर्धन का कहना है कि वह राजनीति में आने से पहले भी रामलीला से जुड़े रहे हैं. राजनीतिक व्यस्तता बढ़ने के बाद वह रामलीला के मंच से दूर हो गये थे. अब वह अपने ही संसदीय क्षेत्र में रामलीला के मंच से पहली बार अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से एक नए अंदाज में मुखातिब हो सकेंगे. 

इनके अलावा दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और रोहिणी से विधायक विजेन्द्र गुप्ता भी पहली बार रामलीला के मंच पर ऋषि अत्रि की भूमिका में होंगे. वहीं बिहार में राजद विधायक संजय यादव ने अहिरावण का किरदार निभाने के लिये लालकिले की रामलीला का रुख किया है. 

इस फेहरिस्त में चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र से आप विधायक अल्का लांबा का नाम भी शामिल है. उन्हें रामलीला में देवी अहिल्या का किरदार निभाना था लेकिन राजनीतिक व्यस्तता बताते हुए उन्हें स्वयं को रामलीला के मंच से दूर करना पड़ा.

लांबा ने बताया कि उन्होंने पहले रामलीला में भाग लेने की हामी भर दी थी लेकिन पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में आगामी 14 अक्तूबर को आयोजित आप कार्यकर्ता सम्मेलन में अपनी व्यस्तता के कारण उन्हें अपना फैसला बदलना पड़ा है.

इस बीच सियासी गलियारों इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि विरोधी दलों के नेताओं के साथ मंच साझा करने से पार्टी नेतृत्व की संभावित नाराजगी और इसके राजनीतिक दुष्परिणामों का जोखिम भी लांबा के फैसले की एक वजह बना हो. 

उल्लेखनीय है कि पिछले सालों तक रुपहले पर्दे के नामचीन कलाकार रामलीला का मंचन करते रहे हैं. इनमें अभिनेता से नेता बने पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी पिछले साल की तरह इस साल भी अंगद के किरदार में दिखेंगे.

जबकि शाहबाज खान रावण और बिंदु दारा सिंह हनुमान की भूमिका में इस साल भी रामलीला के मंच पर होंगे. इसके अलावा बुलंद आवाज के धनी रजा मुराद और महाभारत के दुर्योधन यानी पुनीत इस्सर रामलीला के पात्रों को मंच पर जीवंत बनाएंगे.