दिल्ली में शुरू हुआ स्मॉग टावर परियोजना पर काम, केंद्र ने SC को दी जानकारी

सुनवाई के दौरान मौजूद दिल्ली के मुख्य सचिव से भी पीठ ने पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण सहित वायु प्रदूषण की समस्या से निबटने के लिये किये गये उपायों के बारे में जानकारी मांगी. 

दिल्ली में शुरू हुआ स्मॉग टावर परियोजना पर काम, केंद्र ने SC को दी जानकारी

नई दिल्ली: केंद्र ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार में स्मॉग टावर लगाने की परियोजना का काम शुरू हो गया है और इस संरचना की मजबूती परखने के लिये मिट्टी के नमूने लिये गये हैं.

स्मॉग टावर वायु प्रदूषण कम करने के लिये बड़े आकार की वायु शुद्ध करने के लिये विशेष रूप से डिजाइन की गई संरचना है.

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ को सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि इस परियोजना के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हो गये हैं और आईआईटी, मुंबई और टाटा प्रोजेक्ट्रस लिमिटेड इस प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के बारे में मिनिसोटा विश्वविद्यालय के संपर्क में है.

मेहता ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान पीठ को बताया कि आठ अगस्त की स्थिति के अनुसार स्मॉग टावर के स्थान का सर्वे हो गया है और इसकी मिट्टी के नमूने लिये जा चुके हैं और इनकी जांच चल रही है.

इस बीच, पीठ ने एक हस्तक्षेपकर्ता की इस दलील पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें उसने इस स्मॉग टावर के प्रभावी होने पर सवाल उठाये थे और दावा किया था कि अंतत: इसका धन चीन की कंपनियों को ही जाएगा.

पीठ ने कहा कि स्मॉग टावर के मसले पर मंगलवार को सुनवाई की जाएगी.

वायु प्रदूषण के संबंध में न्यायालय ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण के मसले पर भी विचार किया.

पीठ ने पंजाब के मुख्य सचिव, जो वीडियो कांफ्रेस से सुनवाई के दौरान मौजूद थे, से पराली जलाने की रोकथाम के लिये छोटे और सीमांत किसानों को मशीनरी और अन्य उपकरण मुहैया कराने के लिये उठाये गए कदमों की जानकारी मांगी.

पीठ ने केंद्र के वकील से कहा कि सब्सिडी और इस मामले में उसके पहले के आदेशों पर अमल के बारे में उसे जानकारी दी जाए.

न्यायालय ने सभी हितधारकों से कहा कि पराली जलाये जाने के मामले में अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करें.

पीठ ने कहा कि पराली जलाने से रोकने के लिये नीति तैयार करनी होगी. पीठ ने जानना चाहा कि क्या पराली जलाने की रोकथाम के लिये शुरू की गई तमाम परियोजनाओं के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिये पंचायतों की मदद ली गयी है?

सुनवाई के दौरान मौजूद दिल्ली के मुख्य सचिव से भी पीठ ने पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण सहित वायु प्रदूषण की समस्या से निबटने के लिये किये गये उपायों के बारे में जानकारी मांगी. मुख्य सचिव ने इस बारे में पीठ को विस्तृत जानकारी दी.

न्यायालय ने चार अगस्त को केन्द्र से कहा था कि वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिये पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार में स्मॉग टावर लगाने का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाये.

सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को सूचित किया था कि वायु प्रदूषण कम करने के लिये विशाल आकार के एयर प्यूरीफायर का ढांचा तैयार करने और स्मॉग टावर लगाने में दस महीने का वक्त लगेगा और प्राधिकारी यह समय-सीमा कम करने की स्थिति में नहीं हैं.

इससे पहले केंद्र ने 30 जुलाई को न्यायालय को सूचित किया था कि पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार में स्मॉग टावर लगाने के लिये सहमति पत्र तैयार हो गया है और इस पर सभी हितधारक हस्ताक्षर करेंगे.

न्यायालय ने सरकार से जानना चाहा था कि इस परियोजना को तीन महीने के भीतर पूरा करने के उसके 13 जनवरी के आदेश का अनुपालन क्यों नहीं हुआ.

इनपुट: भाषा

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