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दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में हुए बवाल का असर कोटा में भी, विरोध में वकीलों ने किया मार्च

वकीलों के कार्य बहिष्कार के चलते न्यायालय परिसर में स्थित समस्त कैंटीन, जेरोक्स मशीन, टंकण कार्य, नोटरी कार्य, स्टाम्प विक्रय का कार्य भी स्थगित रहा. 

दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में हुए बवाल का असर कोटा में भी, विरोध में वकीलों ने किया मार्च
वकीलों ने अदालत परिसर स्थित लाल चौक से 11 बजे पैदल मार्च निकाला

मुकेश सोनी,कोटा : दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में वकील और पुलिस के बीच हुए संघर्ष की चिंगारी कोटा तक पहुंच गई है. घटना के विरोध में कोटा अभिभाषक परिषद ने आज होने वाला दीपावली स्नेह मिलन समारोह स्थगित कर दिया और समस्त न्यायिक कार्य बंद रखा. 

वकीलों ने अदालत परिसर स्थित लाल चौक से 11 बजे पैदल मार्च निकाला और कलेक्ट्री चौराहे पर मानव श्रृंखला बनाई. इसके बाद दिल्ली के उपराज्यपाल के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. अभिभाषक परिषद कोटा के अध्यक्ष दीपक मित्तल ने बताया कि दिल्ली स्थित तीस हजारी अदालत में पुलिस द्वारा वकीलों को लॉकअप में बंद कर गंभीर व बर्बर मारपीट की गई.उन पर गोलियां तक चलाई गईं. 

जिससे कई वकील गंभीर रूप से घायल हुए हैं. और जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. अभिभाषक परिषद कोटा द्वारा पुलिस की बर्बरता की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने, वकीलों के विरुद्ध दर्ज झूंठे मुकदमे वापस लेने, घायल वकीलों को निशुल्क उपचार उपलब्ध करवा कर उन्हें उचित मुआवजा देने की मांग की है.साथ ही वकीलों की सुरक्षा के लिए प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की है.

इधर वकीलों के कार्य बहिष्कार के चलते न्यायालय परिसर में स्थित समस्त कैंटीन, जेरोक्स मशीन, टंकण कार्य, नोटरी कार्य, स्टाम्प विक्रय का कार्य भी स्थगित रहा. दूर दराज से आने वाले पक्षकार परेशान होते रहे, लेकिन वकीलों का साफ कहना है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा.जब तक उनके साथियों को न्याय नहीं मिल जाता है. आपको बता दें कि दिल्ली में हुए इस घटना के बाद देश के भी शहरों में वकीलों ने विरोध किया है.