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दिवाली से एक दिन पहले दिल्ली की हवा थोड़ी 'सुधरी', लेकिन स्थिति अब भी बहुत खराब

मंगलवार को हवा में हल्का सा सुधार देखने को मिला और वायु गुणवत्ता  'गंभीर' से 'बहुत खराब' की श्रेणी में आ गई. 

दिवाली से एक दिन पहले दिल्ली की हवा थोड़ी 'सुधरी', लेकिन स्थिति अब भी बहुत खराब
(फोटो साभार - रॉयटर्स)

नई दिल्ली: दीवाली से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में मंगलवार को भी हवा जहरीली रही लेकिन यहां की हवा में हल्का सा सुधार देखने को मिला और वायुगुणवत्ता  'गंभीर' से 'बहुत खराब की श्रेणी' में आ गई. हालांकि आने वाले दिनों दिल्ली वायु गुणवत्ता कैसी रहेगी यह इस बात पर निर्भर करता है कि दिल्लीवासी दिवाली पर कितने पटाखे फोड़ते हैं

दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) दोपहर 2 बजे 360 था जबकि 12 बजे 385 था जो कि बहुत खराब माना जाता है, वहीं सुबह 9 बजे यह 403 था जो गंभीर श्रेणी में आता है.  सोमवार को एयर क्वालिटी दिल्ली-एनसीआर में गंभीर से अधिक (severe-plus) या आपातकाल श्रेणी में रही.  मंगलवार को नमी में थोड़ी सी गिरावट आई.  

कृत्रिम वर्षा पर विचार कर रहा है सीपीसीबी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) दिल्ली में खतरनाक प्रदूषण से निपटने के लिए दिवाली के बाद कृत्रिम वर्षा कराने पर विचार कर रहा है। सीपीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वे दिवाली के बाद कृत्रिम वर्षा कराने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर और भारतीय मौसम विभाग से बातचीत कर रहे हैं। दिवाली के बाद प्रदूषण के ‘‘गंभीर से अधिक आपातकालीन’’ श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। 

अधिकारी ने कहा कि वे मौसमी स्थितियों के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं और उसके बाद कृत्रिम वर्षा के लिए ‘क्लाउड सीडिंग’ की जाएगी। क्लाउड सीडिंग एक प्रक्रिया होती है जिसके तहत सिल्वर आयोडाइड, ड्राई आइस और नमक सहित विभिन्न रसायनिक तत्वों का इस्तेमाल करके वर्तमान बादलों को घना बनाया जाता है जिससे वर्षा या बर्फबारी की संभावना बढ़ती है। आईआईटी कानपुर के एक प्रोफेसर ने कहा कि मौसमी परिस्थितियों के कृत्रिम वर्षा के लिए अनुकूल होने की निगरानी की जा रही है। 

वर्ष 2016 में सरकार ने कृत्रिम वर्षा के लिए क्लाउड सीडिंग की संभावना का पता लगाने का प्रयास किया लेकिन योजना काम नहीं कर पायी। गत वर्ष सरकार ने हेलीकाप्टर से पानी का छिड़काव का प्रस्ताव किया ताकि धूल में कमी लायी जा सके।

(इनपुट - भाषा)