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कोटा में डेंगू का कहर जारी, चिकित्सा विभाग की लगातार कोशिशें हो रही फेल

कोटा में आई भयावह बाढ़ और बारिश ने चिकित्सा विभाग के अभियान पर पानी फेर दिया है. जिन इलाको में एंटी लार्वा एक्टिविटी की गई है वो बरसात के पानी मे बह गई.

कोटा में डेंगू का कहर जारी, चिकित्सा विभाग की लगातार कोशिशें हो रही फेल
प्रतीकात्मक तस्वीर

मुकेश सोनी, कोटा: पहले बारिश, फिर बाढ़ ने कोटा में गदर मचाया. लोग बाढ़ के जख्म भूल भी नहीं पाए थे कि इस बीच डेंगू के डंक ने लोगों को डरा कर रख दिया है. चिकित्सा विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद हालात यह है कि शहर की एक दर्जन से ज्यादा कॉलोनियों में बेकाबू डेंगू ने कोहराम मचा रखा है. 

जिसके चलते अकेले अक्टूबर महीने में डेंगू पॉजिटिव मरीजो का आंकड़ा 300 के पार जा पहुंच गया है. रोज बड़ी तादाद में मरीज सामने आने लगे हैं. डेंगू के डर से अस्पतालों में भी मरीजो की संख्या बढ़ गई है. स्थिति यह हो गई है कि डर के मारे लोग अब दो से तीन बार डेंगू की जांच करवा रहे हैं. इस बीच राहत की बात यह है कि चिकित्सा विभाग ने 5 हाई रिस्क एरिया में डेंगू को कंट्रोल करने में सफलता पाई है लेकिन शहर के अन्य इलाकों में डेंगू बेकाबू हो गया है.

अकेले कोचिंग क्षेत्र जैसे तलवंडी, केशवपुरा और महावीर नगर में इस सीजन में 106 डेंगू पॉजिटिव मरीज मिले हैं. जिनमे कोचिंग विद्यार्थी भी शामिल हैं. कोटा में डेंगू का कहर इस कदर बड़ा है कि इस सीजन में जनवरी से अब तक डेंगू का आंकड़ा 500 के पार जा पहुंच गया है.  

सितम्बर में 137 डेंगू रोगी पॉजिटिव मिले थे जबकि अक्टूबर में ये आंकड़ा बढ़कर 304 के पार जा पहुंच गया है. चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के कहर के कारण डीसीएम, भीमगंजमंडी, बोरखेड़ा, शिवपुरा ,छावनी-रामचन्द्रपुरा, बंगाली कॉलोनी, तलवंडी, इन्द्रविहार और संजय नगर को हाई रिस्क एरिया घोषित कर रखा था. विभाग द्वारा साल भर इन इलाको में एंटी लार्वा एक्टिविटी करवाई जाती रही है. 

इसका सार्थक परिणाम भी नजर आया. 9 हाई रिस्क एरिया में से 5 एरिया बोरखेड़ा, शिवपुरा, छावनी-रामचन्द्रपुरा, बंगाली कॉलोनी और संजय नगर में डेंगू कंट्रोल नजर आया लेकिन डेंगू के डंक ने शहर के अन्य इलाको में तांडव मचा दिया. सीएमएचओ डॉ. भूपेंद्र तंवर का कहना है कि पिछले सालों के मुकाबले इस बार डेंगू का मच्छर कमजोर है. 

कोटा में आई भयावह बाढ़ और बारिश ने चिकित्सा विभाग के अभियान पर पानी फेर दिया है. जिन इलाको में एंटी लार्वा एक्टिविटी की गई है वो बरसात के पानी मे बह गई. फिर भी विभाग ने लगातार अभियान छेड़े रखा है. अभियान में नर्सिंग स्टूडेंस की भी मदद ली जा रही है. 

करीब 2 हजार सदस्यों ने मिलकर 1 लाख 75 हजार घरो का सर्वे कर वहां एंटी लार्वा एक्टिविटी की, पायरेथ्रम स्प्रे और एमएलओ का छिड़काव किया. अभी भी शहर के 500 खाली प्लांट चिन्हित किए हैं, जिनमे पानी भरा हुआ है. यहां निगम और यूआईटी के सहयोग से कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ साथ आमलोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है. घर में रखे कूलर, फ्रिज के पानी को साफ करें. उनमें पानी जमा ना होने दें. पानी की टंकी को भी समय समय पर साफ करते रहें.