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उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की गृह नगरी में बदहाली, गंदगी और कीचड़ से लोग परेशान

सफाई के लिए लाखों रूपये के वाहन खरीद लिए गए. लाखों रूपये सफाईकर्मियों पर हर महीने नगर परिषद खर्च कर रहा है लेकिन नतीजे ढाक के तीन पात नजर आ रहे हैं. 

उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की गृह नगरी में बदहाली, गंदगी और कीचड़ से लोग परेशान
फाइल फोटो

पुरूषोत्तम जोशी, टोंक: पूरा देश आज महात्मा गांधी की 150वीं जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई जा रही है और स्वच्छ भारत मिशन का विशेष आयोजन भी शहर-शहर किया जा रहा है. आयोजन के नाम पर लाखों-करोड़ो रूपए खर्च कर स्वच्छ भारत और स्वस्थ्य भारत के कसीदें पढ़े जा रहे हैं लेकिन बात की जाए टोंक जिले की तो यहां धरातल पर हालात कुछ ओर ही बयां कर रहे हैं. शहर की गली नुक्कड़ों से लेकर बाजार तक कचरे से अटे पड़े हैं. वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन और नगर परिषद  कागजों में गांधी जयंती मना रहा है. इन्हें ना तो जनता से कोई सरोकार है ना ही गांधी जी के मूल सिद्धांतों से फर्क पड़ता है. इन्हें बस कागजी घोड़े दौड़ाने आते है. 

देश में जब पहली बार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनें तो उन्होने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के सपने को साकार करने के लिए गांधी जयंती को स्वच्छता दिवस के रूप मनाने और स्वच्छता का संकल्प लेने का आह्वान किया था. इसी के साथ एक नया सपना देशवासियों ने देखा. जिस गंदगी और कीचड़ से कुपोषण के साथ कई जानलेवा बिमारियों से हर साल लाखों लोगों की जान जा रही थी. उसी से निजात दिलाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन का आगाज किया और देश को क्लीन करने के लिए अरबो रूपये का बजट आवंटित भी किया. गांव से लेकर शहर तक शौचालय बनाने के लिए आमजन को 12,500 रूपए की प्रोत्साहन राशि तक सीधे खातों में डलवाई गई लेकिन टोंक नगर परिषद में स्वच्छ भारत मिशन की आड़ में करोड़ों रूपए की बंदरबांट की जा चुकी है.

सफाई के लिए लाखों रूपये के वाहन खरीद लिए गए. लाखों रूपये सफाईकर्मियों पर हर महीने नगर परिषद खर्च कर रहा है लेकिन नतीजे ढाक के तीन पात नजर आ रहे हैं. आज हमारे संवाददाता पुरूषोत्तम जोशी ने शहर की हृदय स्थली माने जाने वाली जामा मस्जिद इलाके, बड़ा कुआ क्षेत्र का जायजा लिया. जहां गंदगी के ढेरों के साथ आवारा मवेशियों का हुजुम देखने को मिला. 

यह सिर्फ शहर की एक इलाके की तस्वीर नहीं है. शहर में जहां भी आप जाएंगे, बस इस तरह की तस्वीरें आपको देखने को मिलेंगी और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के गृह जिले और विधानसभा क्षेत्र के जिला मुख्यालय की इस तरह की तस्वीरों मे सिर्फ सरकार की योजनाओं का पलीता लगा रहे अफसरों की मनमानी खुलेआम जाहिर होती है. अब उम्मीद तो यही है कि उपमुख्यमंत्री के साथ स्वायत्त शासन विभाग के अफसर जिले के लापरवाह अफसरों पर सख्त कार्रवाई करेंगे.