बोगीबील पुल: इस पूर्व PM को नहीं मिला न्योता, नाराज होकर कहा- 'अय्यो रामा! कौन मुझे याद करेगा?

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोगीबील में ब्रह्मपुत्र नदी पर 5,900 करोड़ रुपये की लागत से बने 4.9 किलोमीटर लंबे पुल का मंगलवार को उद्घाटन किया.

बोगीबील पुल: इस पूर्व PM को नहीं मिला न्योता, नाराज होकर कहा- 'अय्यो रामा! कौन मुझे याद करेगा?
प्रधानमंत्री रहते हुए देवगौड़ा ने 1997 में परियोजना की आधारशिला रखी थी.(फाइल फोटो)

बेंगलुरु: पूर्व प्रधानमंत्री एवं जद (एस) प्रमुख एच डी देवगौड़ा ने मंगलवार को असम में देश के सबसे लंबे रेल सड़क पुल के उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किये जाने पर नाराजगी जतायी है. देवगौड़ा ने ही इसकी आधारशिला रखी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोगीबील में ब्रह्मपुत्र नदी पर 5,900 करोड़ रुपये की लागत से बने 4.9 किलोमीटर लंबे पुल का मंगलवार को उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री रहते हुए देवगौड़ा ने 1997 में परियोजना की आधारशिला रखी थी.
उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीर के लिये रेल लाइन, दिल्ली मेट्रो और बोगीबील रेल सड़क पुल वैसी परियोजनाएं हैं जिन्हें मैंने (बतौर प्रधानमंत्री) मंजूरी दी थी.

मैंने प्रत्येक परियोजना के लिये 100-100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था और इनकी आधारशिला रखी थी. लोगों ने आज इसे भुला दिया है.’’ यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं के सवाल के जवाब में उन्होंने ये बातें कहीं. संवाददाताओं ने उनसे जब पूछा कि खुद की शुरू की गयी परियोजना के उद्घाटन के बारे में वह क्या सोचते हैं, इस पर पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने कई परियोजनाओं की मंजूरी दी.

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें कार्यक्रम के लिये आमंत्रण मिला था, इस पर देवगौड़ा ने कहा, ‘‘अय्यो रामा! कौन मुझे याद करेगा? कुछ अखबारों ने शायद इसका जिक्र किया हो.’’ परियोजना पूरी होने में बहुत अधिक देरी होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘यहां पर मैं सहमत नहीं हूं. मैंने हासन-मैसुरु परियोजना को 13 महीने में पूरा किया. मैंने दो पुलों का निर्माण कार्य समय पर पूरा किया. अनगवाड़ी पुल (घाटप्रभा पर पुल) और कृष्णा नदी पर बने पुल को आप जाकर देख सकते हैं.’’ 

इनपुट भाषा से भी