CM फडणवीस बोले- महाराष्ट्र को स्थिर सरकार की जरूरत है, 'खिचड़ी' शासन की नहीं

महाराष्ट्र में एनसीपी के समर्थन से बीजेपी की सरकार बनी

CM फडणवीस बोले- महाराष्ट्र को स्थिर सरकार की जरूरत है, 'खिचड़ी' शासन की नहीं

मुंबई: महाराष्ट्र में लगभग महीने भर चले नाटक के बाद बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है. शनिवार अलसुबह आखिरकार भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता अजीत पवार (Ajit Pawar) उपमुख्यमंत्री बने हैं.

दोबारा मुख्यमंत्री बने देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा का बहुत बहुत आभार कि उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में मुझे सेवा करने का मौका दिया. मूल रूप से जनता ने हमारे गठबंधन को स्पष्ट जनादेश दिया था. लेकिन हमारी साथी शिवसेना पार्टी ने जनादेश को नकार दिया औश्र दूसरी ओर गठबंधन करने की कोशिश की. किसी भी पार्टी की सरकार न बनने पर राज्यपाल की अनुशंसा पर राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था. राष्ट्रपति शासन महाराष्ट्र जैसे अगड़े राज्य को शोभा नहीं देता. तीन पार्टियों के खिचड़ी गठबंधन से सरकार चल भी नहीं पाती. मैं एनसीपी के नेता अजीत दादा पवार का अभिनंदन करता हूं. महाराष्ट्र को स्थाई शासन देने के लिए सहयोग दिया. हमारे साथ अन्य लोग भी आए हैं. राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन वापस लेने की अनुशंसा कर दी. मुझे बड़ा विश्वास है कि महाराष्ट्र में स्थाई सरकार हम दे पाएंगे.''

वहीं, राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले एनसीपी नेता अजीत पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में किसानों के समस्याओं को हल करने के लिए हमने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई है.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 के 24 अक्टूबर को आए नतीजे में भाजपा को 105 सीटें मिलीं. जबकि शिवसेना को 56 सीटों पर जीत मिली. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी राकांपा ने 54 सीटें जीती, और कांग्रेस की झोली में 44 सीटें आईं. बहरहाल, 56 विधायकों वाली शिवसेना राकांपा के 54 व कांग्रेस के 44 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश कर रही थी. जिस पर बीजेपी-एनसीपी ने पानी फेर दिया.