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जयपुर: 8 नवंबर से देवउठनी एकादशी, बजेंगी शहनाइयां, पहले ही दिन 1500 शादियां

बीते चार महीने से थमी शहनाइयों की गूंज आठ नवंबर शुक्रवार से देवउठनी एकादशी से गूंजेगी. इस बार राजधानी में मैरिज संचालक पर्यावरण संरक्षण के लिए खुद जागरूक होने के साथ-साथ शादी वालों से आयोजनों में सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल नहीं करने के लिए शपथ पत्र भरवा रहे हैं.

जयपुर: 8 नवंबर से देवउठनी एकादशी, बजेंगी शहनाइयां, पहले ही दिन 1500 शादियां
देवउठनी एकादशी, जयपुर में अकेले 1500 शादियां

जयपुर:देवउठनी एकादशी से शेषनाग की शैय्या पर योग निद्रा में सो रहे भगवान श्रीहरि विष्णु देवउठनी एकादशी पर जागेंगे. इसके साथ ही आठ नवंबर से चार महीने बाद फिर से मांगलिक कार्यक्रमों की शहनाइयां बजने लगेंगी. देव उठनी एकादशी को स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त होने से शादी-ब्याह (marriages) की धूम रहेगी. इस दौरान जयपुर में मैरिज हॉल संचालक सिंगल यूज़ प्लास्टिक (single use plastic) का इस्तेमाल रोकने के लिए शादी के लिए बुकिंग के वक्त शपथ पत्र भी भरवा रहे हैं.शादी-ब्याह कर घर बसाने वालों के लिए खुशखबरी है. बीते चार महीने से थमी शहनाइयों की गूंज आठ नवंबर शुक्रवार से देवउठनी एकादशी से गूंजेगी. इस बार राजधानी में मैरिज संचालक 
 पर्यावरण संरक्षण के लिए खुद जागरूक होने के साथ-साथ शादी वालों से आयोजनों में सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल नहीं करने के लिए शपथ पत्र भरवा रहे हैं.
यूं समझें प्लास्टिक का विवाह कनेक्शन 
एक शादी में 800 लोगों के लिए 2500 से ज्यादा पानी के लिए डिस्पोजल
3000 कटोरी, स्ट्रॉ, चम्मच का इस्तेमाल किया जाता है
इससे लगभग 60 किलो प्लास्टिक का इस्तेमाल पर रोक लगेगी
कुल 600 गार्डनों में 36 हजार किलो प्लास्टिक का उपयोग नहीं होगा
कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय कचरा पात्र में ही डाला जाएगा
आगामी दिनों में प्लास्टिक इस्तेमाल नहीं करने के लिए मॉनिटरिंग की जाएगी
कागज से बने गिलास, अन्य उत्पादों को काम में लेने के बारे में बताया जाएगा

आठ नवंबर को देवउठनी एकादशी का अबूझ सावा होने से शहर में शादियों की धूम रहेगी. जयपुर विवाह समिति एसोसिएशन के अध्यक्ष भवानी शंकर माली की मानें तो शहर में 600 से ज्यादा गार्डन पहले ही बुक हो चुके हैं. पंडितों से लेकर मैरिज गार्डन तक की बुकिंग और समारोह के लिए खरीददारी करने का सिलसिला शुरू हो गया है. पहले मुहूर्अत यानि बूझ सावे पर शहर में 1500 से ज्यादा शादियां होगी. आमतौर पर विवाह के मुहूर्त देवउठनी एकादशी या देव प्रबोधिनी एकादशी से शुरू होते हैं. लेकिन इस बार एकादशी के बाद अगले मुहूर्त में 11 दिन का अंतराल रहेगा. अबूझ मुहूर्त होने से सभी कार्यों में श्रेष्ठता के साथ यह दिन सभी राशि के जातकों के लिए बेहद फलदायी हैं. शादी-ब्याह, लग्न और अन्य शुभ कार्य शुरू होंगे, लेकिन इस मुहूर्त में बस एक दिन ही शहनाई बजेगी. फिर से विवाह मुहूर्त और अन्य शुभ कार्य 19 नवंबर से 11 दिसंबर तक रहेंगे. 19 नवंबर को आठ रेखीय 20, 21, 22, 23,  28, 30, 1 दिसंबर, 2, 7, 11, 12 दिसंबर तक शुभ कार्य होंगे. 16 दिसंबर से धनुमास लगने से  14 जनवरी के बाद शुभ कार्यों की शुरुआत होगी.