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डीडवाना: दिवाली पर महिलाएं व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बनाती है रंगोली, है खास परंपरा

महिलाएं जब व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर रंगोली बनाती है इससे व्यापार में समृद्धि आती है. महिलाएं पूरी लगन से रंगोली बनाती है फिर उन्हें घर की बड़ी महिलाएं शगुन देती है.

डीडवाना: दिवाली पर महिलाएं व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बनाती है रंगोली, है खास परंपरा
ऐसा माना जाता है कि इससे व्यापार मे समृद्धि आती है.

हनुमान तंवर, डीडवाना: भारत एक ऐसा देश है जंहा की आस्था और परम्परा को सर्वोपरि माना जाता है. पूरे देश के हर हिस्से में कई ऐसी परम्पराएं बरसों से निभाई जाती हैं जो और कंही देखने को नहीं मिलती. डीडवाना में भी दीपावली से जुड़ी एक परम्परा है जो पिछले सेकड़ो बरसों से जारी है और पूरे भारत में और कहीं नहीं मिलती. दिवाली की पूर्व संध्या पर महिलां और युवतियां अपने अपने घर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर आती हैं और आकर्षक रंगोलियों से प्रतिष्ठानों को सजाती हैं. ऐसा माना जाता है कि इससे व्यापार मे समृद्धि आती है.

रंगोली बनाती इन महिलाओं और युवतियों को देखकर आप यही समझ रहे होंगे कि ये अपने घर को दीपावली के मौके पर सजा रही हैं लेकिन हम आपको बता दें कि ये नजारा है डीडवाना का जहां दीपावली की पूर्व संध्या पर ये सभी अपने अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर रंगोली उकेर रही हैं. जिसे आम बोलचाल की भाषा में मांडने कहा जाता है. ये हिस्सा है उस परम्परा का जो कि डीडवाना में पिछले सेकड़ों साल से जारी है. खास बात ये है कि दिवाली के एक दिन पहले महिलाओं का बाजार में आकर रंगोली बनाना पूरे भारत में सिर्फ डीडवाना और डीडवाना से इंदोर और कलकत्ता गए. यंहा के प्रवासियो के इलाके में ही होता है. इलाके के जनप्रतिनिधि भी इस खास अवसर पर डीडवाना के बाजारों में पहुंचते है.

माना जाता है कि महिलाएं जब व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर रंगोली बनाती है इससे व्यापार में समृद्धि आती है. महिलाएं पूरी लगन से रंगोली बनाती है फिर उन्हें घर की बड़ी महिलाएं शगुन देती है. महिलाओं के मुताबिक ऐसी परंपरा उन्हें पहली बार उनकी सास से मालूम होती है और जब भी दिवाली करीब होती है तो बेसब्री से इस दिन का इंतेजार करती है. साथ ही इस दिन देवी लक्ष्मी के जरिए व्यापार में समृद्धि लाने के लिए खास रंगोली बनाई जाती है. 

वहीं रिवायत है कि पुराने दौर में महिलाओं को पुरूषों के बराबर समझने के लिए भी इस परंपरा की शुरूआत की गई. महिलाएं इस परंपरा से जुड़कर खुद को गोरवांवित महसूस करती है.

महिलाओं में एक दूसरे की बनाई रंगोली से प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिलती है क्योंकि डीडवाना की नगरपालिका सबसे खूबसूरत रंगोली बनाने वाली महिलाओं को ईनाम भी देती है. साथ ही पूरा शहर भी रंगोलियों के देखने बाजारों मे उमड़ पड़ता है.