RCDF और जयपुर डेयरी के बीच विवाद, कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन

डेयरी प्रशासन का कहना है कि जब आरसीडीएफ डेयरी के हित में कोई काम नहीं कर रहा है, इसके उलट बार-बार डेयरी प्रशासन के लिए बाधाएं पैदा की जा रही हैं

RCDF और जयपुर डेयरी के बीच विवाद, कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन
फेडरेशन की इस कवायद का जयपुर डेयरी के कर्मचारियों ने विरोध किया है

दामोदर प्रसाद, जयपुर: डेयरी फेडरेशन के कर्मचारियों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया. जयपुर डेयरी प्रशासन ने राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन को हर साल दिया जाने वाला वार्षिक सेस रोकने की घोषणा कर दी है. वहीं फेडरेशन इस बात पर अड़ा है कि आखिर जयपुर डेयरी प्रशासन ने किस आधार पर कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया है. 

फेडरेशन की इस कवायद का जयपुर डेयरी के कर्मचारियों ने विरोध किया है और डेयरी परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन द्वारा जयपुर डेयरी के कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने के डेयरी प्रशासन के फैसले पर सवाल खड़ा करने से दोनों आमने-सामने हो गए हैं. 

पिछले दिनों फेडरेशन की प्रबंधक संचालक वीणा प्रधान ने जयपुर डेयरी के कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने पर सवाल उठाए थे, उन्होंने इसे नियमों का उल्लंघन माना था. अब इसके विरोध में एक तरफ जहां जयपुर डेयरी के कर्मचारियों ने विरोध का मोर्चा खोल दिया है, वहीं डेयरी प्रशासन ने भी आरसीडीएफ को दिया जाने वाला सेस रोकने का फैसला कर लिया है. 

डेयरी प्रशासन का कहना है कि जब आरसीडीएफ डेयरी के हित में कोई काम नहीं कर रहा है, इसके उलट बार-बार डेयरी प्रशासन के लिए बाधाएं पैदा की जा रही हैं, तो हम क्यों आरसीडीएफ को सेस दें. डेयरी चेयरमैन ओमप्रकाश पूनिया ने ये भी कहा कि RCDF सेस की राशि से जयपुर डेयरी के हित में कार्य नहीं कर रहा है इसलिए हमने भी सेस रोकने का फैसला किया है. 

सेस लिए जाने को लेकर ऐसा कोई कानून भी नहीं बना है, इसलिए हम अवैध रूप से लिया जा रहा सेस क्यों दें. चेयरमैन ने सातवां वेतनमान वापस लेने के नाम पर बार-बार पत्र लिखने को लेकर कहा कि आरसीडीएफ प्रशासन बेवजह परेशान कर रहा है. जब हम मुनाफे में हैं, सरकार से लोन ले नहीं रहे हैं, तो कर्मचारियों को सातवां वेतनमान क्यों नहीं देंगे. इस मुद्दे को लेकर जयपुर डेयरी अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने विरोध प्रदर्शन किया. डेयरी परिसर में कर्मचारियों ने आधे घंटे तक आरसीडीएफ प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.