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ई-मेल से प्राप्त दस्तावेज माना राजस्थान में वैध दस्तावेज, सरकार ने जारी किए निर्देश

मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता ने एक परिपत्र जारी कर ई-मेल से प्राप्त होने वाले पत्र, परिवेदनाओं और प्रार्थना पत्रों को भी वैध आधिकारिक दस्तावेज मानते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए है.

ई-मेल से प्राप्त दस्तावेज माना राजस्थान में वैध दस्तावेज, सरकार ने जारी किए निर्देश
इस संबंध में पूर्व निर्देश की पालना नहीं हो रही थी. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता ने एक परिपत्र जारी कर सरकारी कार्यालयों में परिवाद, प्रार्थना पत्र एवं परिवेदनाओं की प्राप्ति रसीद आवश्यक रूप से दिए जाने के निर्देश दिए है. साथ ही ई-मेल से प्राप्त होने वाले पत्र, परिवेदनाओं और प्रार्थना पत्रों को भी वैध आधिकारिक दस्तावेज मानते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए है.

परिपत्र के अनुसार प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने 5 फरवरी, 2015 को जारी परिपत्र के माध्यम से भी सभी विभागों के कार्यालयों को उनके यहां प्राप्त होने वाले सभी प्रकार के परिवाद, प्रार्थना पत्र एवं परिवेदनाओं की प्राप्ति रसीद आवश्यक रूप से देने के लिए निर्देशित किया गया था. 

पहले भी मिले थे निर्देश
इस संबंध में स्पष्ट दृश्य स्थान पर इसे प्रमुखता से दर्शाने के भी निर्देश दिए गए है. इसी प्रकार 18 मार्च 2016 एवं 27 जून 2019 के परिपत्र के माध्यम से राजकीय पत्र व्यवहार करते समय कार्यालय एवं अधिकारी के ई-मेल आईडी अंकित करने के निर्देश दिए गए थे.

कई कार्यालय में नहीं हो रही आदेश की पालना
गुप्ता ने बताया कि अभी भी कई कार्यालयों में प्राप्ति रसीद नहीं देने और ई-मेल आईडी अंकित करने की पूर्णतया पालना नहीं करने की शिकायतें प्राप्त हो रही है. 

मुख्य सचिव ने दिया निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, विभागाध्यक्ष एवं कार्यालयध्यक्षों को निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने एवं ई-मेल आईडी से प्राप्त होने वाले पत्र, परिवेदनाओं और प्रार्थना पत्रों को भी वैध आधिकारिक दस्तावेज मानने के निर्देश दिए हैं.