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डूंगरपुर: बजट के आभाव में लटका थाणा-बिछीवाड़ा सड़क का निर्माण कार्य, जनता बेहाल

वहीं, बिछीवाड़ा गांव में नेशनल हाइवे से ठीक एक किलोमीटर पहले जमीनी विवाद होने से 100 मीटर का काम बिलकुल ही नहीं हुआ.

डूंगरपुर: बजट के आभाव में लटका थाणा-बिछीवाड़ा सड़क का निर्माण कार्य, जनता बेहाल
यह सड़क पिछले दो विधानसभा चुनावो में डूंगरपुर सीट से प्रमुख मुद्दा रही है.

अखिलेश शर्मा/डूंगरपुर: राजस्थान के डूंगरपुर विधानसभा सीट से दो बार चुनावी मुद्दा रही थाणा बिछीवाड़ा सड़क बिरबल की खिचड़ी साबित हो रही है. घटिया निर्माण, बजट का अभाव और कोर्ट केस के चक्कर में तय समय तक सड़क का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है. जिसके कारण मौजूदा सरकार के खिलाफ लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।.

डूंगरपुर की थाना-बिछीवाडा सडक जो की डूंगरपुर जो गुजरात से जोड़ती है, लेकिन तत्कालीन भाजपा सरकार के समय शुरू हुआ थाणा-बिछीवाड़ा सड़क निर्माण प्रोजेक्ट काम में देरी व समय पर ठेकेदार को भुगतान नहीं होने से फेल होता दिख रहा है. जबकि यह सड़क पिछले दो विधानसभा चुनावो में डूंगरपुर सीट से प्रमुख मुद्दा रही है. सड़क की बदहाली के चलते 2013 में कांग्रेस से तत्कालीन सीटिंग एमएलए लालशंकर घाटिया हारे और 2018 में भी काम के पूरा नहीं होने से भाजपा की सरकार में प्रत्याशी बनाए गए भाजपा के माधवलाल वरहात को मुंह की खानी पड़ी.

वहीं, 16 करोड़ 67 लाख रुपए की स्वीकृति से सड़क का काम तो पिछली भाजपा सरकार में शुरू करा दिया गया लेकिन प्रदेश में सरकार का तख्ता पलट क्या हुआ बजट की कमी की मार सडक पर पड़ी और ठेकेदार के 4 करोड़ रुपए फंस गए. ठेकेदार को भुगतान नहीं होने से ठेकेदार ने काम अधुरा छोड़ दिया है. ऐसे में ये प्रोजेक्ट 60 फीसदी पर ही अटक गया है.

बात यही थम जाती तो ठीक थी लेकिन एक अन्य विवाद और इस सड़क से जुड़ गया. बिछीवाड़ा गांव में नेशनल हाइवे से ठीक एक किलोमीटर पहले जमीनी विवाद होने से 100 मीटर का काम बिलकुल ही नहीं हुआ . जिसके कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और बारिश के कारण हुए कीचड़ से सड़क पर आवाजाही दुर्भर हो गई है. नतीजा लोगों को हादसे का शिकार भी होना पड़ रहा है. इधर जब सड़क के निर्माण में हो रही देरी पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों से जानना चाहा तो विभाग के अधीक्षण अभियंता ने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से मना कर दिया लेकिन साथ में यह भी कहा कि बजट आने पर ही काम शुरू किया जाएगा.

विधानसभा के दो चुनाव में तख्ता पलट की वजह बनी थाणा-बिछीवाड़ा सडक़ बजट व विवादों में फिर से उलझ गई है. अब देखना होगा कि आर्थिक तंगी के ग्रहण के बादल इस प्रोजेक्ट से कब तक हटते है और क्षेत्र्वासियो को कब तक राहत मिल पाती है. हालांकि, अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ था आने वाले पंचायत चुनाव में सरकार को जनाक्रोश का सामना करना पड़ सकता है.