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चितलवाना में आयोजित हुआ शैक्षिक सम्मेलन, पाठ्यक्रम बदलाव को लेकर हुई खास चर्चा

फेसर जेताराम बिश्नोई ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब सरकार बदलती है तो अपने हिसाब से पाठ्यक्रम बदलती है. यह नहीं होना चाहिए. 

चितलवाना में आयोजित हुआ शैक्षिक सम्मेलन, पाठ्यक्रम बदलाव को लेकर हुई खास चर्चा
इस सम्मेलन में सैकड़ों की तादाद में शिक्षकों ने हिस्सा लिया.

चितलवाना: जोधपर के ग्लोबल कॉलेज में एक दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस आयोजन में सूबे के वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई ने भी मुख्य अतिथि के को तौर पर हिस्सा लिया. इसके साथ इस आयोजन में विशिष्ट अतिथि के तौर पर जेताराम बिश्नोई प्रोफेसर जेएनवीयू जोधपुर, ओमप्रकाश डऊकिया प्रोफेसर जेएनवीयू जोधपुर, एसडीएम पिताम्बरदास राठी, महाविद्यालय निदेशक सुरेन्द्र बिश्नोई भी शामिल हुए. 

इस सम्मेलन में सैकड़ों की तादाद में शिक्षकों ने हिस्सा लिया. वहीं, वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई ने संबोधित करते हुए कहा कि अध्ययन न केवल विद्यार्थी को जरूरत है बल्कि शिक्षक को भी अध्ययन की जरूरत है. जीवन भर अध्यायन करते रहना चाहिए. व्यक्ति मरते दम तक सीखता है. वहीं शिक्षकों को अपने घर पर लाइब्रेरी बनाना जरूरी है. जिससे बच्चे भी पुस्तकें पढ़कर अपने ज्ञान का विकास कर सकें. शिक्षकों को विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ संस्कार विकसित करें. ताकि समाज या देश मे पनप रहे अंधविश्वास को दूर किया जा सके.

साथ ही, शिक्षकों को संबोधित करते हुए मंत्री जी ने कहा कि सपने दिन को देखने चाहिए. रात को सपने देखने वाले कभी सफल नहीं होते है. सभी शिक्षक दिन को सपने को देखते है, इसलिए तो आप शिक्षक बने है और संस्थाओं का संचालन करते है.

वहीं, प्रोफेसर जेताराम बिश्नोई ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब सरकार बदलती है तो वो अपने हिसाब से पाठ्यक्रम बदलती है. इसका हम शिक्षक साथियों को कभी भी समर्थन नही करना चाहिए, क्योंकि सरकारें बदलती रहती है लेकिन सरकार के साथ पाठ्यक्रम नही बदलना चाहिए. वहीं, शिक्षकों को कहा कि आप सम्मेलन में शिक्षक साथी बैठकर एक प्रतिवेदन तैयार करें और फिर यह प्रतिवेदन सूबे के मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री को सौपें ताकि आपके प्रतिवेदन व समस्याओं पर सरकार विचार कर सकें.

कार्यक्रम के दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई, जेएनवीयू के प्रोफेसर जेताराम बिश्नोई, उपखण्ड अधिकारी पिताम्बरदास राठी,बिश्नोई महासभा के जिला प्रधान सुरजनराम बिश्नोई, पूर्व सरपंच भीखाराम सारण सहित अन्य सैकड़ों की तादाद में शिक्षक तथा शिक्षिका उपस्थित रहे.