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बीड: महिला मजदूरों के लिए समिति ने की तमाम सिफारिशें, स्वास्थ्य मंत्री ने लगाई मुहर

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि बीड जिले में गर्भाशय निकालने की सर्जरी बड़े पैमाने पर होने की बात सामने आई थी.

बीड: महिला मजदूरों के लिए समिति ने की तमाम सिफारिशें, स्वास्थ्य मंत्री ने लगाई मुहर
महाराष्ट्र सरकार ने 26 जून 2019 को एक समिति की स्थापना की थी.

मुंबई: महाराष्ट्र के बीड जिले में गन्ना मजदूर महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने के मामले में गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट बुधवार को महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री को सौंप दी. इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में गन्ना मजदूर महिलाओं के लिए कई सिफारिशें की हैं. गन्ना काटने के लिए जाने से पहले इन मजदूर महिलाओं का मेडिकल चेकअप करना, हेल्थ कार्ड देना आदि. साथ ही गन्ना काटने वाली जगह पर शुगर फैक्ट्रियों की ओर से सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी की गई है. वहीं, निजी अस्पतालों में गर्भाशय निकालने की सर्जरी पर जिला शल्य-चिकित्सक को रिपोर्टिंग करना. यह महत्वपूर्ण सिफारिश इस रिपोर्ट में की गई है. इस रिपोर्ट के बाद महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने संबंधित विभागों को रिपोर्ट के तहत कार्यवाही के आदेश दिए हैं.

इस संदर्भ में जानकारी देते हुए महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि बीड जिले में गर्भाशय निकालने की सर्जरी बड़े पैमाने पर होने की बात सामने आई थी. इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने 26 जून 2019 को एक समिति की स्थापना की थी. पिछले तीन साल में बीड जिले के निजी अस्पताल में गर्भाशय निकालने की सर्जरी की जांच समिति ने की. इसके साथ शुगर कमिशनर, श्रम आयुक्त, स्वास्थ विभाग के अधिकारी, स्वयंसेवी संस्था को साथ समिति ने बैठक की. समिति ने बीड जिले की महिलाओं से संवाद किया. इसके तहत समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है और सिफारिश की है.

क्या हैं सिफारिशें
गन्ना काटने के लिए जाने वाली महिला मजदूरों को हेल्थ कार्ड देना
महिला मजदूरों का गन्ना काटने के लिए जाने से पहले और वापसी के बाद मेडिकल चेकअप
शुगर फैक्ट्री के कार्यक्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से महिला मजदूरों का खेतों पर ही मेडिकल चेकअप
निजी स्त्री रोग विशेषज्ञ गर्भाशय सर्जरी की रिपोर्ट जिला शल्य चिकित्सक को सौंपे