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महाराष्ट्र में थमा चुनावी शोर, चुनाव प्रचार में हजारों बार टूटी आचार संहिता, करोड़ों हुए जब्त

महाराष्ट्र (Maharashtra) में वोटिंग (voting) 21 अक्टूबर को है जबकि चुनावों के नतीजे (Election Results) 24 अक्टूबर को आने हैं.

महाराष्ट्र में थमा चुनावी शोर, चुनाव प्रचार में हजारों बार टूटी आचार संहिता, करोड़ों हुए जब्त
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Elections) को लेकर प्रचार शनिवार शाम 5 बजे थम गया है. प्रशासन और चुनाव आयोग भी चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है. मतदान वाले दिन के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं. आपको बता दें कि इस विधानसभा चुनाव में 3237 उम्मीदवार मैदान में हैं. तकरीबन 30 दिनों तक किए गए तूफानी प्रचार के दौरान, प्रचार खत्म होने तक 33 उम्मीदवारों के खिलाफ आचार संहिता भंग करने का मामला दर्ज हुआ है. इन उम्मीदवारों पर अलग-अलग मामलों में आचार संहिता भंग करने का मामला दर्ज किया गया है. चुनाव आयोग की तरफ से इसकी जांच भी की जा रही है. यहां आपको यह भी बता दें कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में वोटिंग (voting) 21 अक्टूबर को है जबकि चुनावों के नतीजे (Election Results) 24 अक्टूबर को आने हैं.

जानकारी के मुताबिक विधानसभा 2019 के चुनाव प्रचार के दौरान कुल 1780 मामले दर्ज किए गए हैं. 975 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं. महाराष्ट्र चुनाव के दौरान आयकर, कस्टम और एक्साईज विभाग की तरफ से विशेष दस्ता भी बनाया गया था. जिसके तहत कुल 142.77 करोड़ रुपये कैश, 21.54 करोड़ रूपए की शराब, 20 करोड़ 71 लाख रूपए के नशीले ड्रग और 24 करोड़ 66 लाख रूपए की सोने-चांदी जब्त किए गए हैं.

चुनाव आयोग के मुताबिक आचार संहिता तोड़ने के मामले ज्यादातर बगैर अनुमति के जनसभा करने के सामने आए हैं. इसके अलावा तय समय के बाद भी प्रचार करने के मामले दर्ज किए गए. सबसे गंभीर मामला उस्मानाबाद में सांसद के उपर घातक हथियार से हमला करने का हुआ है. इसके अलावा कई शिकायतें चुनाव प्रचार के दौरान पैसे बांटने के लगाए गए हैं. जिसकी जांच आयोग की तरफ से की जा रही है. राज्य के उप मुख्य चुनाव आयुक्त दिलीप शिंदे ने जी मीडिया से कहा, "महज‌ 30 दिनों में इतने मामले दर्ज हुए हैं जो बेहद मुस्तैदी से किए गए काम का नतीजा है. हम चुनाव कराने के लिए पूरी तरह सजग है."

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आपको बता दें कि इस मतदान की प्रक्रिया में पूरे महाराष्ट्र में 6 लाख 50 हजार अधिकारी और पुलिस बल को लगाया गया है. महाराष्ट्र के दूर दराज से लेकर शहरी इलाकों में 2778 पोलिंग बूथ को अलग-अलग कारणों से संवेदनशील घोषित किया गया है. अकेले मुंबई में 40 हजार पुलिस बल होंगे, 2700 होम गॉर्ड और 22 केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान सुरक्षा में होंगे. मुंबई पुलिस ड्रोन से 262 संवेदनशील सहित अन्य पोलिंग स्टेशन पर निगरानी रखेगी.

मुंबई पुलिस के प्रवक्ता प्रणय अशोक ने जी मीडिया से कहा, "इस बार चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही पुलिस ने कई मामलों में कड़ी कार्रवाई की है. चुनाव सुचारू रुप से संपन्न हो इसके लिए भी भरपूर तैयारी की है." चुनाव का महापर्व निर्वाध रुप से हो इसके लिए हर तरह की तैयारी हो चुकी है. सोशल मीडिया पर निगरानी से लेकर हर अपराध और नामजद अपराधियों पर आयोग सहित पुलिस की पैनी निगाह है.‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ लेकिन ये भी बात सामने आई है कि अचार संहिता को लांघने के मामले राजनीतिक दलों के जीत के लिए होड़ लगाने के लिए हर कोशिश है. इससे यही अंदाज लगता है कि मुकाबला कांटे का है.