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देश की सबसे बड़ी भूमिगत जल विद्युत परियोजना में फिर शुरू हुआ बिजली उत्पादन

दोनों ही परियोजना को रविवार सुबह सतलुज नदी में सिल्ट अधिक बढ़ने के कारण बंद कर दिया गया था. 

देश की सबसे बड़ी भूमिगत जल विद्युत परियोजना में फिर शुरू हुआ बिजली उत्पादन
इन दो परियोजनाओं से दैनिक 49 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन होती है और साढ़े पंद्रह करोड़ की दैनिक आमदनी होती है.

विशेषर नेगी/रामपुर बुशहर: 1500 मेगावॉट की देश की सबसे बड़ी भूमिगत जल विद्युत परियोजना नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन और 412 मेगावाट के रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन से सिल्ट सामान्य होते ही बिजली उत्पादन आरम्भ कर दिया गया है. केंद्र और प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम एसजेवीएन द्वारा संचालित दोनों परियोजनाओं से रविवार रात सिल्ट सामान्य होते ही बिजली उत्पादन प्रक्रिया आरंभ कर दी गई. 

दोनों ही परियोजना को रविवार सुबह सतलुज नदी में सिल्ट अधिक बढ़ने के कारण बंद कर दिया गया था. ऐसे में दोनों ही परियोजनाओं से बारह घंटे से अधिक समय तक बिजली उत्पादन ठप रहने से करीब आठ करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है. इन दो परियोजनाओं से दैनिक 49 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन होती है और साढ़े पंद्रह करोड़ की दैनिक आमदनी होती है. हालांकि, परियोजना संचालक इसे नुकसान नहीं मानते हैं.

 

उनका कहना है कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा दिए गए सालाना लक्ष्य से दोनों ही परियोजनाएं काफी अधिक बिजली तैयार कर चुकी हैं. उल्लेखनीय है कि सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी द्वारा डिजाइन एनर्जी के हिसाब से परियोजनाओं को सालाना विद्युत उत्पादन लक्ष्य दिया जाता है. मुख्य महाप्रबंधक एवं नाथपा झाकड़ी परियोजना के प्रमुख संजीव सूद ने बताया कि परियोजना से रविवार रात से ही बिजली उत्पादन आरम्भ कर दिया गया था. उन्होंने बताया कि परियोजना अक्सर बरसात में सिल्ट के कारण बंद हो जाती है.