मणिपुर के लीसांग गांव में बल्ब जलते ही भारत बन गया 'अंधेरे से मुक्त' देश

15 अगस्त, 2015 को प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से 1000 दिनों में सभी गांवों में बिजली पहुंचाने की बात कही थी.

मणिपुर के लीसांग गांव में बल्ब जलते ही भारत बन गया 'अंधेरे से मुक्त' देश
मणिपुर का लीसांग गांव भारत वह आखिरी गांव था, जहां अबतक बिजली नहीं पहुंची थी

नई दिल्ली : भारत अब पूर्णत: बिजली से रोशन देश बन गया है. मणिपुर के लीसांग गांव के घर बिजली बल्बों से रोशन होने के साथ ही भारत ने शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है. मणिपुर के सेनापति जिले का लीसांग गांव भारत वह आखिरी गांव था, जहां बिजली नहीं पहुंची थी लेकिन, 28 अप्रैल, शनिवार को इस गांव को भी नेशनल पावर ग्रिड से जोड़ दिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि हमने विद्युतीकरण के लक्ष्य को समय से पहले ही हासिल कर लिया है. सरकार का अगला लक्ष्य अब मार्च, 2019 तक हर घर को बिजली देने का है.

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘28 अप्रैल, 2018 को भारत की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक दिन के रूप में याद किया जायेगा. कल हमने एक वादा पूरा किया जिसके कारण अनेकों भारतीयों के जीवन में हमेशा के लिये बदलाव आयेगा.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि अब भारत के हर गांव में बिजली सुलभ होगी.’  मोदी ने कहा कि भारत के विकास की यात्रा में यह ऐतिहासिक दिन के रूप में याद किया जायेगा और इससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ होगा. 

बता दें कि सरकार ने कल घोषणा की थी कि देश के 18 हजार से अधिक गांवों में बिजली पहुंच गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2015 को लाल किले की प्राचीर से एक हजार दिन के भीतर इन गांवों में बिजली पहुंचाने का ऐलान किया था. समयसीमा पूरी होने से 12 दिन पहले शनिवार को ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया. 

Electricity

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘मैं सशक्त भारत को हकीकत बनाने की दिशा में जमीन पर कार्य करने वाले सभी लोगों के प्रयासों को सलाम करता हूं जिसमें अधिकारियों की टीम, तकनीकी कर्मी और अन्य लोग शामिल हैं. उनका यह प्रयास आने वाले वर्षो में हमारी पीढ़ियों को बहुत फायदा पहुंचायेगा.’ प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में मणिपुर के लीसांग गांव का उल्लेख किया और कहा कि इस जैसे हजारों उन अन्य गांवों में बिजली पहुंच गई जो अब तक इस सुविधा से वंचित थे.

यह भी पढ़ें- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी राष्‍ट्र को 'सौभाग्‍य' की सौगात, जानें 5 बातें

अगला लक्ष्य हर घर बिजली
भारत सरकार से मिले आंकड़ों के मुताबित, अब भारत के सभी 5 लाख, 97,464 गांवों में बिजली पहुंच चुकी है. एनडीए ने जब शासन संभाला तक देश 18,452 गांवों में बिजली नहीं पहुंची थी. सरकार ने सभी गांवों के विद्युतिकरण के लिए दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 75,893 करोड़ के बजट का आवंटन किया गया था. सरकार का अब अगला कदम हर घर को बिजली देना है. इसके लिए प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) शुरू की गई है. इस का लक्ष्य भारत के 40 लाख से अधिक घरों में बिजली पहुंचाना है. इसके लिए मार्च, 2019 तक का समय तय किया गया है.

सौभाग्य योजना
'सौभाग्‍य' के तहत तीन करोड़ ग्रामीण घरों में बिजली पहुंचाने का प्‍लान है. ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 1.5 करोड़ घरों तक पहले ही बिजली पहुंचाई जा चुकी है. दरअसल, सरकार 24 घंटे सभी गांवों तक बिजली पहुंचाने के लिए तेजी से काम कर रही है और सभी को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए 2019 का टारगेट बनाया गया है. 'सौभाग्य' योजना के तहत ट्रांसफॉर्मर्स, मीटर्स और तारों के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी उपलब्‍ध कराई जाएगी. पिछले हफ्ते इस संबंध में हुई कैबिनेट मीटिंग के एजेंडे में इस योजना को शामिल किया गया था. केंद्र सरकार इस योजना के लिए 75 प्रतिशत फंड मुहैया करेगी और बाकी 25 प्रतिशत राज्‍यों या ऋण के माध्‍यम से एकत्र किया जाएगा.  

लीसांग गांव
लीसांग गांव मणिपुर के सेनापति जिले में आता है और यह सरदार हिल्स पर बसा हुआ एक छोटा सा गांव है. लीसांग में महज 19 घर हैं और यहां की आबादी मात्र 65 हैं, जिनमें 34 पुरुष और 31 महिलाएं हैं.