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कोटा: बाढ़ के 15 दिन बाद भी चारों ओर तबाही का मंजर, लोगों को मुआवजे का इंतजार

इस तबाही के कारण कोटा की दर्जनों बस्तियां पानी में डूब गई जिससे जनता को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा. पानी का सैलाब अपने साथ सब कुछ बहा कर ले गया.

कोटा: बाढ़ के 15 दिन बाद भी चारों ओर तबाही का मंजर, लोगों को मुआवजे का इंतजार
जब पांच दिन बाद बाढ़ का पानी उतरा तो हर ओर तबाही का मंजर नजर आया.

कोटा: बारिश ने राजस्थान में 48 साल का रिकोर्ड तोड़ दिया है. मुसलाधार बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में पानी का सैलाब आ गया. वहीं, इस तबाही के कारण कोटा की दर्जनों बस्तियां पानी में डूब गई जिससे जनता को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा. यह सैलाब अपने साथ सब कुछ बहा कर ले गया, जिससे इनकी जिंदगी पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है.  

बारिश के कारण कोटा में हालात ये हो गए थे कि चारों तरफ बस पानी ही पानी नजर आ रहा था. सभी बस्तियां जलमग्न हो गई जिससे इलाके के हजारों घरों में पानी धुस गया. खबर के मुताबिक दो लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. वहीं, जब पांच दिन बाद पानी उतरा तो हर ओर तबाही का मंजर नजर आया. वहीं बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए कई नेता आए लेकिन जनता को सिर्फ आश्वासन देकर चले गए.

वहीं, बाढ़ और तबाही के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल समेत की नेताओं ने इन इलाकों का दौरा किया. यह भी माना की बाढ़ ग्रस्त इलाकों में हाल बेहाल है. लेकिन नेताओं के इन तमाम बातों के बाद भी लोगों को कोइ राहत नहीं मिली.  

हालांकि, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने यह भी कहा कि हर प्रकार की राहत बाढ़ पीड़ितों को पहुंचाई जाएगी. हर पीड़ित परिवार के खाते मे 3800 रुपय डलवाए जाएंगे. साथ ही सरकार नुकसान का सर्वे भी करवा रही है जल्द ही सभी को मुआवजा मिलेगा.

गौरतलब है कि कोटा जिले में इस बार भारी बारिश और नदियों में आई बाढ़ ने सैकड़ों लोगों के सिर से छत छीन ली. बाढ़ का पानी गांवों में बरबादी का मंजर छोड़ गया जिसे लोग भूल नहीं पा रहे हैं. नदियों में आई बाढ़ लोगों का सबकुछ बहा ले गई. बाढ़ ने कई परिवारों को बेघर कर दिया तो कई परिवारों लोगों के पास सिर छुपाने के लिए छत तक नहीं रही. अब ऐसे कई परिवार खुले आसमान तले जीवन बिताने को मजबूर है. अब इन परिवारों को सरकार से मदद की आस है