हिंदी दिवस के मौके पर राजस्थान में हुआ कार्यक्रम का आयोजन, सीएम गहलोत ने कहा...

देश में पहला हिंदी दिवस 14 सितम्बर, 1953 को मनाया गया और तभी से हर साल देश में 14 सितम्बर हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जाता है और अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

हिंदी दिवस के मौके पर राजस्थान में हुआ कार्यक्रम का आयोजन, सीएम गहलोत ने कहा...
फाइल फोटो

जास्मीन शर्मा, जयपुर: देश भर में हर साल 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है. वही हिन्दी दिवस, जो 1949 में हिंदी को देश की आधिकारिक भीषा का दर्जा दिए जाने के बाद मनाया जाने लगा. आपके लिए यह जानना दिलचस्प होगा कि साल 1947 में जब देश अंग्रेजी हुकूमत से आज़ाद हुआ तो देश में भाषा को लेकर सबसे बड़ा सवाल था. क्योंकि भारत में सैंकड़ों भाषाएं और बोलियां बोली जाती हैं. ऐसे में कौन सी भाषा चुनी जाए यह तय करना बेहद मुश्किल था. बहुत सोच विचार करने के बाद हिंदी को राष्ट्र भाषा के तौर पर चुना गया. 

14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से निर्णय लिया और यह तय किया गया कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा होगी. इस मौके पर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस दिन के महत्व को देखते हुए ऐलान किया कि 14 सितम्बर को हर साल हिंदी दिवस मनाया जाएगा.

देश में पहला हिंदी दिवस 14 सितम्बर, 1953 को मनाया गया और तभी से हर साल देश में 14 सितम्बर हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जाता है और अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. हिन्दी एक ऐसी भाषा है जो इस विविधतावादी देश को एक सू्त्र में पिरोने का काम करती है. एसे में देशभर में अलग अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और इसी क्रम में राजधानी जयपुर में भी हिंदी दिवस के उपलक्ष में भाषा एवं पुस्तकालय विभाग की ओर से राज्य स्तरीय हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान जे.एल.एन मार्ग जयपुर के सभागार में आयोजित किया गया है. 

हिन्दी दिवस समारोह में हिन्दी के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं मौलिक लेखन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए हिन्दी सेवा पुरस्कार से हिन्दी साहित्य विधा में ईशमधु तलवार एवं तकनीकी में कृष्ण कुमार यादव एवं डॉ. राजेश यादव को संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया.

इसी के साथ मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने हिंदी दिवस के मौके पर प्रदेशवासिओं को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दी. अपने ट्वीट में सीएम गहलोत ने लिखा, 'हिन्दी मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है. हिन्दी हमारे राष्ट्र की एकता और अखण्डता की महत्वपूर्ण कड़ी है. भाषा किसी भी राष्ट्र की सामाजिक एवं सांस्कृतिक धरोहर की संवाहक होती है. यह गर्व का विषय है कि हमारी भाषा बहुत ही समृद्ध और शालीन है और दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओें में से एक है. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों का आह्ववान किया कि वे अपने दैनिक व्यवहार में हिन्दी भाषा का अधिक से अधिक उपयोग कर इसके गौरव को बढ़ाने में योगदान दें.'

आपको यह जानकर गर्व होगा कि विश्व के सैकड़ों विश्वविद्यालयों में हिन्दी पढ़ाई जाती है और विश्व में करोंड़ों लोग हिन्दी बोलते हैं. मौजूदा समय में अमेरिका में लगभग एक सौ पचास से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों में हिन्दी का पठन-पाठन हो रहा है.