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भीलवाड़ा में बारिश की भेंट चढ़ी खेतों में खड़ी फसल, किसानों ने की मुआवजे की मांग

बारिश के चलते खेतों में खड़ी फैसले चौपट हो गई हैं. वहीं, अन्नदाता के आशियाने भी टूट कर बिखर गए है. जिसके बाद अब किसानों को सिर्फ सरकार से उम्मीद है. 

भीलवाड़ा में बारिश की भेंट चढ़ी खेतों में खड़ी फसल, किसानों ने की मुआवजे की मांग
किसानों के मुताबिक मुआवजे के नाम पर उन्हें कुछ नहीं मिल रहा है.

भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में जारी मुसलाधार बारिश ने हजारों किसानों के सामने मुसीबतों का पहाड़ खड़ा कर दिया है. बारिश के चलते खेतों में खड़ी फैसले चौपट हो गई हैं. वहीं, अन्नदाता के आशियाने भी टूट कर बिखर गए है. जिसके बाद अब किसानों को सिर्फ सरकार से उम्मीद है. लेकिन, कई बार सरकार से नुकसान भरपाई की मांग करने के बाद भी जब इनकी सुनावाई नहीं हुई तो अब किसान प्रदर्शन को मजबूर हुए हैं. 

जानिए क्या है मामला
जानकारी के अनुसार सिदड़ियास के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों से जारी भारी बारिश के चलते सिदड़ियास गांव में दर्जनों मकान टूट चुके है. प्रदेश में लगातार बरसात का दौर जारी है और घर नहीं होने के कारण क्षेत्र में जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. कई मकानों में तालाब का पानी घुस आने से हालात और भी ज्यादा बदत्तर हो चुके हैं. दिन का समय तो जैसे-तैसे बीत जाता है, लेकिन रात के समय बच्चों के साथ परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. घर के साथ-साथ किसानों की आय का प्रमुख साधान खेती भी पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है.

किसानों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि, सरपंच और अधिकारियों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में फसल बीमा के नाम पर भी किसानों को निरंतर छला जा रहा है. बीमा कंपनियों के साथ सांठ गांठ करके गरीब किसानों को लूटा गया है जिसकी जांच होनी चाहिए. मुआवजे के नाम पर किसानों को कुछ नहीं मिल रहा है और ब्याज पर पैसे लाकर खाद-बीज बोने वाले किसानों के लिए पैसा चुकाना भारी पड़ रहा है.

बता दें कि प्रदेश में पिछले कई दिनों से मुसलाधार बारिश का दौर जारी है. लगातार हो रही बारिश और नदियों में बांध से छोड़े जाने वाले पानी से कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं. बारिश और बाढ़ से सबसे ज्यादा कोटा, बांसवाड़ा, झालावाड़, प्रतापगढ़, पाली और धौलपुर में हालात खराब हैं.

-- Laxmi upadhyay, news desk