जेट एयरवेज के कर्मियों के लिए अच्‍छी खबर, वित्‍त मंत्री जेटली ने दिया गौर करने का भरोसा

कंपनी के मुख्य कार्यकारी विनय दुबे ने शनिवार को यह जानकारी दी. दुबे ने महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुंगतिवार, नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला, कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित अग्रवाल तथा पायलटों, इंजीनियरों, केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ जेटली से मुलाकात की.

जेट एयरवेज के कर्मियों के लिए अच्‍छी खबर, वित्‍त मंत्री जेटली ने दिया गौर करने का भरोसा
नकदी संकट से जूझ रही है जेट एयरवेज. फाइल फोटो

नई दिल्ली/मुंबई : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नकदी संकट से जूझ रही विमानन कंपनी जेट एयरवेज के मामले पर गौर करने का भरोसा दिया है. कंपनी के मुख्य कार्यकारी विनय दुबे ने शनिवार को यह जानकारी दी. दुबे ने महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुंगतिवार, नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला, कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित अग्रवाल तथा पायलटों, इंजीनियरों, केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ दिल्ली में जेटली से उनके आवास पर मुलाकात की.

मुलाकात के बाद दुबे ने संवाददाताओं से कहा कि कर्मचारियों को बनाये रखने के लिये उन्हें कम से कम एक महीने का वेतन देना जरूरी है. उन्होंने कहा, ‘‘वे जहां हैं वहां उन्हें बनाये रखने के लिए और उन्हें उम्मीद देने के लिये हमें उन्हें कम से कम एक महीने या अधिक का वेतन देने की जरूरत है. वित्त मंत्री ने इस मामले पर गौर करने का भरोसा दिया है.’’ 

 

जेट एयरवेज पैसे की कमी के कारण फिलहाल परिचालन बुधवार से निलंबित कर चुकी है. कंपनी मार्च महीने से किसी भी कर्मचारी को वेतन नहीं दे पाई है. दुबे ने कहा कि कम से कम एक महीने के वेतन का भुगतान करने के लिये कंपनी को करीब 170 करोड़ रुपये की जरूरत होगी.


मामले पर गौर करेंगे वित्‍त मंत्री. फाइल फोटो

दुबे ने बैठक के दौरान यह भी कहा कि विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा जरूरी है. उन्होंने जेटली से खुला, पारदर्शी एवं प्रभावी बोली प्रक्रिया सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया. महाराष्ट्र के वित्त मंत्री मुंगतिवार ने मुंबई में पीटीआई भाषा से कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने जेटली से बोली की प्रक्रिया को तेज करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, ‘‘हमने कंपनी के लिये दो महीने के ईंधन के लिये उधार की भी मांग की.’’ 

जेट एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने जेटली से कहा कि कंपनी पैसे की कमी के कारण डूब रही है और 23 हजार लोगों की आजीविका खतरे में जा रही है.

नेशनल एविएटर्स गिल्ड के उपाध्यक्ष असीम वालियानी ने कहा, ‘‘हमने वित्तमंत्री को कंपनी की खराब होती स्थिति के बारे में बताया. हमने उन्हें कहा कि बोली की प्रक्रिया को तेज करने तथा कंपनी को राशि मुहैया कराने की जरूरत है. जेटली बिक्री की प्रक्रिया को लेकर हमारी मांग से सहमत हुए. उन्होंने यह भी कहा कि वह बैंकों से बात करेंगे.’’ उल्लेखनीय है कि कर्जदाताओं की ओर से एसबीआई कैप्स ने इस महीने कंपनी की 75 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने के लिये बोलियां मंगाई थी.