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बीकानेर: जोड़बीड़ में मध्य एशिया से पहुंचने लगे विदेशी गिद्ध, टूरिस्ट का लगा जमावड़ा

पश्चिम भारत में गिद्दों के सबसे बड़ा आश्रय स्थल जोड़बीड़(Jodbid) में विदेशी जाति के गिद्ध का हजारों की तादात में दिखना शुरू हो गया है.

बीकानेर: जोड़बीड़ में मध्य एशिया से पहुंचने लगे विदेशी गिद्ध, टूरिस्ट का लगा जमावड़ा
(फाइल फोटो)

रौनक व्यास, बीकानेर: पश्चिम भारत में गिद्दों के सबसे बड़ा आश्रय स्थल जोड़बीड़(Jodbid) में विदेशी जाति के गिद्ध(Vulture) का हजारों की तादात में दिखना शुरू हो गया है. यहां अक्टूबर महीने के साथ ही मध्य-एशियाई देशों(Central Asian Countries) से विभिन्न प्रजाति के गिद्दों तथा अन्य शिकारी पक्षी डेरा डालना शुरू कर देते है. जो नए साल तक एक अदभुद नज़ारे में तब्दील हो जाता है.

इन दिनों यहां पर मंगोलिया(Mangolia), चीन(China), तिब्बत(Tibet), साइबेरिया(Syberia), मध्य एशिया(Central Asia) और यूरोप(Europe) के अन्य भागों से विभिन्न प्रजातियों के गिद्द अपने शीतकालीन प्रवास करने के दौरान देखने को मिल रहे हैं.

यहां जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व में 15 यूरेशियन ग्रीफन,1 500 ईजीपशियन,100 इगल स्टेप, 27 हिमालियन ग्रीफन तथा 22 सिनेरियस गिद्द ओर कजकिस्तान से पिली आंख वाले कबूतर आ चुके हैं. इन प्रवासी गिद्दों पर व्यस्क, अव्यस्क व जुवीनाइल प्रवास पर आए हुए हैं. भोजन की उपलब्धता और संरक्षण की वजह से यहां गिद्दों का आगमन सर्वाधिक मात्रा में होता है. 

गिद्दों के अलावा यहां अन्य शिकारी पक्षियों का भी आना शुरू हुआ है. यहां स्टेपी ईगल, ट्वानी ईगल, हैरियर्स, हॉक्स एवं शिक्रा की कई प्रजातियां एक साथ देखी गई हैं. इसके बाद मार्च तक बड़ी संख्या में विभिन्न प्रजातियों के गिद्द यहां जोड़बीड़ व इसके आसपास के क्षेत्र में ही रहेंगे. अप्रैल माह की शुरूआत में ये विदेशी गिद्द अपने देख वापस लौट जाएंगे. इस दौरान वाइल्ड लाइफ(Wild Life) को पसंद करने वाले सैलानी इस नजारे का जमकर आनंद उठा रहे हैं.