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जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में खुलेंगे निशुल्क कोचिंग सेंटर: प्रताप सिंह खाचरियावास

 प्रदेश के सभी जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में युवाओं को निःशुल्क कोचिंग के जरिए प्रशिक्षण देकर सेना में भर्ती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में खुलेंगे निशुल्क कोचिंग सेंटर: प्रताप सिंह खाचरियावास
गहलोत सरकार में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास. (फाइल फोटो)

जयपुर: प्रदेश के सभी जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में युवाओं को निःशुल्क कोचिंग के जरिए प्रशिक्षण देकर सेना में भर्ती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इसके साथ ही इन कार्यालयों में सैनिकों के आश्रितों, आगन्तुकों के बैठने, स्वच्छ पेयजल, शौचालय जेसी आधारभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी. सैनिक कल्याण मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने गुरूवार को सचिवालय में प्रदेशभर के जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए. 

मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि सैनिक और शहीदों के परिवार पूरे सम्मान के अधिकारी है और उन्हें सैनिक कल्याण कार्यालय में प्रवेश करने पर यह सम्मान का भाव नजर आना चाहिए. कार्यालय में आने वाले हर आगन्तुक को स्नेह से बिठाकर उनकी बात सुननी चाहिए. वे स्वयं माह में एक बार सैनिकों एवं शहीदों के आश्रितों की समस्याओं की सुनवाई करेंगे. प्रदेश सेना भर्ती के मामले में पहले पायदान पर है, लेकिन आज कोचिंग सेंटर्स की भरमार और होड के बीच कई युवा प्रतिभाएं सेना भर्ती से वंचित रह जाती हैं. उनके बीच यह धारणा बनती जा रही है कि फौज में भर्ती के लिए कोचिंग सेंटर्स में प्रशिक्षण लेना जरूरी है. ग्रामीण परिवेश से आने वाले कई इच्छुक अभ्यर्थियेां के पास इन कॉचिंग सेंटर्स को देने के लिए फीस के पैसे तक नहीं होते. ऐसे में यदि उन्हें कोई मार्गदर्शक मिल जाए तो वे भी देशसेवा के लिए अपना योगदान दे सकते हैं. 

खाचरियावास ने कहा कि जिला सैनिक कल्याण कार्यालय अपने यहां अथवा स्थान नहीं होने पर स्थानीय काॅलेज-विद्यालय से टाइअप कर ये कोचिंग प्रारम्भ कर सकते हैं. इसमें प्रशिक्षक के रूप में पूर्व सैनिक का सहयोग निःशुल्क और सहर्ष मिल सकता है. एक बार प्रारम्भ होने पर संसाधनों की कमी के  लिए कई भामाशाह आगे आएंगे. स्थानीय विधायक भी इसके निर्माण में सहयोग कर सकते हैं.

मेवाड़ के युवाओं के लिए विशेष प्रयास
खाचरियावास ने बताया कि सेना भर्ती में मेवाड़ क्षेत्र के युवाओं की रूचि कम हो रही है. ऐसे में उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर जिलों के युवाओं को सेना में भर्ती के प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे. इन जिलों में वे स्वयं पहुंचेंगे और कैम्प कर युवाओं से सीधे संवाद करेंगे.  उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया जाएगा और उनकी सेना भर्ती के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी.

पाठ्यक्रम में जानकारी शामिल करने के लिए कमेटी
सैनिक कल्याण मंत्री खाचरियावास ने स्कूली पाठ्यक्रम में सेना भर्ती, सेना की रेंक्स, अब तक लडे़ गए युद्ध, अवार्ड प्राप्त करने वाले सेनिकों एवं शहीदों की गाथाएं एवं सेना सम्बन्धी अन्य जानकारियां शामिल किए जाने की आवश्यकता बताई. उन्होंने इसके लिए एक कमेटी गठित किए जाने के निर्देश दिए.
 
सैनिक कल्याण राज्य मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि शहीदों के ऐसे आश्रित जो समय बीत जाने के कारण सरकारी नौकरी में भर्ती के लिए ओवर ऐज हो गए हैं उनकी ऐवज में पात्र अश्रित के निर्धारण में अत्यंत सावधानी बरती जानी चाहिए. जिससे कोई भी मामला किसी विवाद या कोर्ट केस में न उलझ जाए. प्रमुख शासन सचिव सैनिक कल्याण संजय मल्होत्रा ने सैनिकों के कल्याण के लिए अब तक प्रदेश में उठाए गए कदमों एवं ध्यान दिए जाने वाले पक्षों पर जानकारी दी. बैठक में सैनिक कल्याण विभाग के डायरेक्टर बिग्रेडियर करण सिंह ने पूर्व सैनिकों की समस्याओं एवं अपेक्षाओं, शहीद आश्रितों की सहायता की स्थिति पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी.