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गहलोत सरकार युवाओं को रोजगार और भत्ता देने के लिए गंभीर, बनाई यह योजना

सीएमओ से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने मात्र 10 माह के कार्यकाल में ही अब तक 20 हजार 118 विभिन्न पदों पर नियुक्तियां प्रदान कर दी हैं.

गहलोत सरकार युवाओं को रोजगार और भत्ता देने के लिए गंभीर, बनाई यह योजना
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान में गहलोत सरकार अपने बजट की घोषणाओं की क्रिया अनुमति को लेकर बेहद गंभीर है. खासतौर पर युवाओं को रोजगार और बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा को लेकर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राजस्थान में अब तक 20,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया जा चुका है. वहीं 60,000 से अधिक युवाओं को राजस्थान में बेरोजगारी भत्ता मिलना शुरू हो गया है. इन दोनों ही घोषणाओं की क्रियान्विति समय पर हो इसके लिए सीएमओ खुद ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर रहा हैं.

राजस्थान में गहलोत सरकार युवाओं को रोजगार और बेरोजगारी भत्ता देने के अपने वादे को पूरा करने को लेकर बेहद संवेदनशील नजर आ रही है. सरकार बनने के बाद नौ महीनों में गहलोत सरकार 20,118 युवाओं को नियुक्तियां दे चुकी हैं तो वहीं करीब 60,000 युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट में 75,000 युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था और इस वादे को पूरा करने के लिए सीएस स्तर पर उच्च स्तरीय कमेटी लगातार अधिकारियों को निर्देशित कर रही है ताकि तय समय में ना केवल युवाओं को अलग-अलग विभागों में भर्तियों के जरिए नौकरियां दी जा सके बल्कि पिछली सरकार में वहीं कई भर्तियों में आने वाली कानूनी अड़चनों को भी दूर किया जा सके.

इस कमेटी के अलावा मुख्यमंत्री ने सीएमओ को भी तय समय पर योजना कारगर हो इसके लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित कर रखा है. बजट घोषणा 75 हजार भर्तियों मैसेज भर्तियों की तैयारियों में भी गहलोत सरकार जुटी हुई है.  प्रक्रियाधीन भर्तियों और नई भर्तियों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड को योजना बनाने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा पिछली सरकार में भी कई भर्तियां ऐसी थी जिनमें युवाओं को कानूनी तौर पर चनों का सामना करना पड़ रहा है. मुख्यमंत्री ने सीएमओ के अधिकारियों और सीएस को ऐसी अड़चनों को तय समय के भीतर दूर करने के लिए कहा है.

सीएमओ से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने मात्र 10 माह के कार्यकाल में ही अब तक 20 हजार 118 विभिन्न पदों पर नियुक्तियां प्रदान कर दी हैं. साथ ही 6 हजार 790 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं. इसके अतिरिक्त अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) को आरक्षण के अनुरूप 1260 अतिरिक्त पदों का सृजन किया गया है. भर्तियों में आर्थिक पिछड़ा वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी राज्य सरकार ने कर दिया है. 

राज्य सरकार अनुकम्पा नियुक्तियों के प्रकरणों पर भी पूरी संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रही है. राजस्थान में सरकार बनने के बाद से करीब 50 हजार युवाओं को बेरोजगारों को भत्ता दिया जा चुका है. राजस्थान में शिक्षित बेरोजगारों में पुरूषों को 3 हजार रूपए और महिलाओं, दिव्यांगजन बेरोजगारों को 3,500 रूपए प्रतिमाह भत्ते का प्रावधान है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी विभागीय बैठकों के अलावा सार्वजनिक तौर पर भी कई बार कह चुके हैं कि राजस्थान में पिछली भाजपा सरकार में जिस तरह से युवा नौकरियों से महरूम हुआ था. कांग्रेस सरकार ऐसा नहीं होने देगी सरकार बनने के बाद युवाओं का रोजगार उनकी पहली प्राथमिकता में शामिल है. मुख्यमंत्री की इस गंभीरता का ही परिणाम है कि राजस्थान सरकार के सभी विभाग युवा रोजगार और बेरोजगारी भत्ते के एजेंडे को अपने प्रायरिटी लिस्ट में शामिल किए हुए हैं. युवाओं को बेहद कम समय में मिल रहे रोजगार का फायदा भी निश्चित तौर पर सरकार को पहले उपचुनाव और उसके बाद निकाय चुनाव में मिल सकता है.