close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

फर्जीवाड़े पर गहलोत सरकार की लगाम, 50 फीसदी गृह निर्माण समितियों का लाइसेंस होगा निरस्त

68 गृह निर्माण सहकारी समितियों के द्वारा ऑडिट नहीं करवाने, सहकारी अधिनियम, नियम, समितियों के उपनियमों की बार-बार अवहेलना करने और निर्धारित कार्यक्षेत्र में अपने उद्देश्यों के अनुसार कार्य नहीं कर रही है.

फर्जीवाड़े पर गहलोत सरकार की लगाम, 50 फीसदी गृह निर्माण समितियों का लाइसेंस होगा निरस्त
फाइल फोटो

जयपुर: गृह निर्माण सहकारी समितियों के खिलाफ गहलोत सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. जयपुर में 50 फीसदी गृह निर्माण समितियों पर अब ताला लगने जा रहा है. अब सरकार दो महीने के अंदर बड़ी संख्या में गृह निर्माण सहकारी समितियों के पंजीयन को निरस्त करने जा रही है.

राज्य सरकार गड़बड़ करने वाली गृह निर्माण सहकारी समितियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है. सरकार जयपुर शहर की पांच से लेकर छ महीने पुरानी समितियों के पंजीयन निरस्त करने जा रही है. जयपुर शहर में 160 गृह निर्माण सहकारी समितिया पंजीकृत हैं. 

जिसमें से 92 गृह निर्माण सहकारी समितिया ठीक तरह से कार्य कर रही हैं लेकिन 68 समितियों में गड़बड़ी पाई गई है. ऐसी समितियों को दो महीने में रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है. दो माह की मियाद समाप्त होते ही समितियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा. इससे पहले सरकार ने 106 गृह निर्माण सहकारी समितियों के पंजीयन निरस्त कर दिए है.

68 गृह निर्माण सहकारी समितियों के द्वारा ऑडिट नहीं करवाने, सहकारी अधिनियम, नियम, समितियों के उपनियमों की बार-बार अवहेलना करने और निर्धारित कार्यक्षेत्र में अपने उद्देश्यों के अनुसार कार्य नहीं कर रही है. इस कारण से अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए इन समितियों को निरस्त किया जाएगा. समय पर रिकॉर्ड नहीं देने पर समिति के किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा और देनदारिया, लेनदारिया को खत्म कर पंजीयन रद्द किया जाएगा.

सहकारी समितियों के पूर्व पदाधिकारियों से कोई लेन देन मान्य नही होगा और समापक के अधीन समितियों की चल-अचल सम्पति का क्रय-विक्रय, पट्टा हस्तातरंण के लिए कोई पदाधिकारी अधिकृत नहीं होगा.