गुजरात के इस सरकारी स्कूल में पहुंचा Google, बच्चों की खातिर बना दिया स्मार्ट क्लासरूम

हिंदुस्तान का सबसे पहला स्मार्ट क्लासरूम किस तरह से काम करता है और स्टूडेंट को कितना फायदा होगा वह समझने की कोशिश जी मीडिया की टीम ने की.

गुजरात के इस सरकारी स्कूल में पहुंचा Google, बच्चों की खातिर बना दिया स्मार्ट क्लासरूम
गूगल की मदद से सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास रूम बनाया गया

सुबोध व्यास, अहमदाबाद: अगर आपके पास स्मार्टफोन है और इंटरनेट से जुड़ा है तो आपका ज्यादा समय इसमें ही चला जाता है. बच्चे से लेकर बुजुर्ग लोग तक स्मार्टफोन में अपना समय बिताते हैं. लेकिन गुजरात के एक सरकारी स्कूल ने गूगल और आई एल एंड एफ एस के साथ मिलकर अपने विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास रूम बना दिया है. हिंदुस्तान का सबसे पहला स्मार्ट क्लासरूम किस तरह से काम करता है और स्टूडेंट को कितना फायदा होगा वह समझने की कोशिश जी मीडिया की टीम ने की.

बच्चों के लैपटॉप से जुड़ी हुई है क्लास
आपको बता दें कि गुजरात के सरकारी स्कूल में ड्रॉप आउट रेशियो को कम करने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत कई कार्यक्रम चलते रहते हैं. लेकिन, अहमदाबाद में गुजरात के सरकारी स्कूल में गूगल क्लास रूम बना देखकर बच्चों में एक चमक देखने को मिली. जानकारी के मुताबिक वातानुकूलित रूम में एक यान उपकरण है जो सीधा गूगल से जुड़ा हुआ डीवाइस है. वह किसी भी दीवार पर अपना प्रोजेक्शन करता है. एक खास प्रकार की पेन से शिक्षक दीवार पर ही पढ़ाई शुरू कर सकते हैं. जो बच्चों को दिए गए लैपटॉप से सीधा जुड़ जाते हैं. आपको बता दें कि बच्चों के लैपटॉप में सिर्फ गूगल क्रोमबुक ही है. गुजरात राज्य का पढ़ाई का सिलेबस इस माध्यम से पढ़ाया जाएगा जिससे आने वाले दिनों में बच्चों की पढ़ाई की रुचि भी बढ़ेगी.

टीचर की जगह गूगल करता है बच्चों की मदद
जी मीडिया से बात करते हुए उस स्कूल में वर्ग शिक्षक विशाल पटेल ने कहा, "गूगल क्लास रूम अभी शुरू हुआ है. बच्चों को ब्लैक बोर्ड से सीधा स्मार्ट वॉल में पढ़ाई करनी है. जिसमें शिक्षकों को कुछ दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा. लेकिन बेसिक चीजें सीखने के बाद बच्चे क्लास रूम के समय सबसे ज्यादा समय यहीं पर बिताते हैं और बच्चे शिक्षक को सवाल करते थे पर अब सीधा गूगल क्रोम बुक को पूछ कर अपनी गलती सुधार लेते हैं."

बढ़ेगी बच्चों की पढ़ाई के प्रति रुचि
गूगल और आई एफ इस को अहमदाबाद की चांदलोडिया स्कूल जो सरकारी स्कूल है उसमें स्मार्ट क्लासरूम बनाने की सारी सुविधा मिलने के कारण इस स्कूल को पसंद किया. स्कूल के प्रधानाचार्य राकेश पटेल का मानना है कि आने वाले दिनों में गुजरात में से ड्रॉपआउट रेशियो काफी गिर सकता है. उन्होंने कहा, "मोबाइल युग में बच्चों की पढ़ाई के लिए इस तरह क्लासरूम बनते हैं तो बच्चों की पढ़ाई के प्रति अपनी रुचि बढ़ती है. पढ़ाई के साथ-साथ दूसरे विषयों में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. और भारत डिजिटल भारत के सपने को साकार कर पाएगा."