केंद्र का राज्यों को निर्देश- लॉकडाउन के नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें

कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर देश के 22 राज्यों के 75 जिलों में लॉकडाउन है.

केंद्र का राज्यों को निर्देश- लॉकडाउन के नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) को कंट्रोल करने लिए कई राज्यों द्वारा लागू किए गए लॉक डाउन (lockdown) को लेकर केंद्र ने सख्त रवैया अपनाया है. केंद्र (Central government) ने राज्य सरकारों से कहा है कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाया जाए और नियमों को तोड़ने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए. कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर देश के 22 राज्यों के 75 जिलों में लॉकडाउन है.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सरकारी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है. प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि, "लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें. राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वो नियमों और कानूनों का पालन करवाएं.''

75 जिलों में जरूरी सेवाएं रहेंगी जारी
कोरोना वायरस के बढ़ते संकट को देख सभी राज्य सरकारें कोरोना प्रभावित 75 जिलों में केवल जरूरी सेवाएं ही जारी रखने की तैयार में हैं. यह वे जिले हैं जिनमें कोरोना के पुष्ट मामले मिले हैं. रविवार को सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के.मिश्रा शामिल हुए. 

बैठक में विस्तार से चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि राज्य सरकारें कोरोना संक्रमित मामलों वाले या इसके कारण जिन जिलों में मौत हुई है, उनमें केवल जरूरी सेवाओं को ही जारी रखने के निर्देश दें.

बैठक के कैबिनेट नोट के अनुसार, "राज्य सरकारें स्थिति के आंकलन के आधार पर सूची का विस्तार कर सकती हैं. यह नोट किया गया कि कई राज्य सरकारों ने इस संबंध में पहले ही आदेश जारी कर दिए हैं."

मुख्य सचिवों ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा गुरुवार को दिए गए 'जनता कर्फ्यू' के आह्वान पर अच्छी और सहज प्रतिक्रिया मिली है. दुनिया भर में 13,049 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और घातक वायरस ने अब तक 3.7 लाख लोगों को प्रभावित किया है.

भारत में कोरोना वायरस प्रभावित लोगों की संख्या 324 हो गई है और छह मरीजों की मौतें हो चुकी हैं. कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए इस बात पर भी सहमति हुई कि अंतर-राज्य परिवहन बसों सहित गैर-आवश्यक यात्री परिवहन के प्रतिबंध को 31 मार्च, 2020 तक विस्तारित करने की तत्काल आवश्यकता है.

इसके अलावा, बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिसमें उपनगरीय रेल सेवाओं सहित 31 मार्च तक सभी ट्रेन सेवाओं का निलंबन शामिल है. हालांकि, माल गाड़ियों को इससे छूट दी गई है. इंटर स्टेट पैसेंजर ट्रांसपोर्ट को भी 31 मार्च तक निलंबित कर दिया जाएगा.