गुजरात: लोगों को पता भी नहीं चला और बैंक खातों से निकल गए लाखों रुपये

गुजरात के मोरबी जिले से इन दिनों एटीएम फ्रॉड का मामला कुछ ज्यादा ही सामने आ रहा है.

गुजरात: लोगों को पता भी नहीं चला और बैंक खातों से निकल गए लाखों रुपये
मोरबी शहर के अलग-अलग इलाकों के एटीएम से खातेदारों के खाते से एटीएम के जरिए लाखों रुपये निकाले गए (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हिमांशु भट्ट, मोरबी: गुजरात के मोरबी जिले से इन दिनों एटीएम फ्रॉड का मामला कुछ ज्यादा ही सामने आ रहा है. जानकारी के मुताबिक बैंक के खातेदारों के खाते से जुड़ी जरूरी जानकारी पाकर कुछ लोगों के द्वारा पैसे निकाल लिए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि एटीएम होल्डर के एटीएम उनके पास ही होते हैं और कोई भी जानकारी मांगे बिना ही खाते से पैसे निकाल लिए जा रहे हैं. ऐसा लग रहा है कि बैंक के खातेदारों के नकली एटीएम कार्ड के जरिए लाखों रुपये निकाल लिए गए हैं. मोरबी पुलिस स्टेशन में अब तक साढ़े सात लाख से ज्यादा पैसे निकाल लिए जाने की शिकायत दर्ज हो चुकी है. हालांकि ये आंकड़ा 10 लाख से ज्यादा होने की चर्चा हो रही है.

मैसेज से पता चला कि पैसे निकल गए
मोरबी शहर के अलग-अलग इलाकों के एटीएम से खातेदारों के खाते से एटीएम के जरिए लाखों रुपये दिल्ली, पंचकुला और चंडीगढ़, हरिद्वार जैसे इलाकों से निकाल लिए गए हैं. इस फ्रॉड का शिकार बने खातेदारों की शिकायत मोरबी सिटी ए-डिवीजन पुलिस ने दर्ज कर ली है. जिसके बाद पुलिस आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है. इस पूरे मामले में गौर करने वाली बात है कि जिन लोगों के अकाउंट से पैसे गए हैं उनके पास किसी अनजान नंबर से बैंक की जानकारी लेने के फोन भी नहीं आए फिर भी ये लोग एटीएम फ्रॉड के शिकार बन गए हैं. मोरबी शहर के अलग-अलग इलाके में रह रहे लोगों को और मालिया तहसील के अलग-अलग इलाके में रह रहे लोगों को इस एटीएम फ्रॉड का शिकार बनाया गया है. इस फ्रॉड का शिकार लोगों के अकाउंट से जुड़े नंबर पर जब पैसे निकलने का मैसेज आया तब उनको पता चला कि उनके अकाउंट से पैसे निकाल लिए गए हैं. जानकारी के मुताबिक अब तक साढ़े सात लाख के करीब रुपए अलग-अलग खातेदारों के अकाउंट से निकाल लिए गए हैं.

डेटा चोरी कर दिया गया है घटना को अंजाम
फिलहाल एटीएम फ्रॉड की जो घटनाएं सामने आ रही हैं. उसमें गुनहगारों द्वारा एक ही तरीके से अपराध को अंजाम दिया गया है. पुलिस के साथ बात करने पर ए-डिवीजन मोरबी के पी.आई. आर.जे. चौधरी ने जी मीडिया को बताया कि एटीएम फ्रॉड को अंजाम देने से पहले अपराधी कुछ इलाकों में एटीएम मशीनों की रेकी करते हैं और उसके बाद जिस एटीएम मशीन पर चौकीदार न हो उस एटीएम में स्क्रीमिंग (डेटा चोरी) करने का डिवाइस लगा दिया जाता है. जिसकी मदद से डेटा स्क्रीमिंग के बाद क्लोनिंग यानी कि डुप्लीकेट एटीएम कार्ड बनाया जाता है.

पैसों की सलामती के लिए अपनाइए यह सलाह
पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि डेटा चोरी कर लोगों के अकाउंट से पैसे निकालने वाले गुनहगार एक साथ किसी के अकाउंट से पैसे निकाल न पाएं तो उनके पास जो दूसरे किसी के डेटा होते हैं इनके खाते में उस पैसे को ट्रांसफर कर कुछ वक्त में वो रकम निकाल लेते हैं. ऐसे भी कुछ मामले सामने आए हैं जिससे कुछ खातेदार न चाहते हुए भी पुलिस के शक के दायरे में आ जाते हैं. इसलिए लोगों को अपने पैसों की सलामती के लिए एटीएम कार्ड के पासवर्ड को कुछ-कुछ वक्त पर बदलते रहना चाहिए.