गुजरात: हेलमेट के लिए बढ़ाई गई समयसीमा, पीयूसी नहीं होने पर लगेगा नया जुर्माना

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अगले 10 दिन में राज्यभर में 900 नये पीयूसी केंद्र खोलने के लिए परमिट देगी जिससे मौजूदा केंद्रों पर भार कम होगा. 

गुजरात: हेलमेट के लिए बढ़ाई गई समयसीमा, पीयूसी नहीं होने पर लगेगा नया जुर्माना
.(फाइल फोटो)

अहमदाबाद: गुजरात सरकार ने नए Motor Vehicles कानून में फेरबदल करके नियमों का उल्लंघन करने वालों को भारी Discount दिया है. गुजरात सरकार ने राज्य की जनता को राहत देते हुए बुधवार को कहा कि हेलमेट पहनने और प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र से संबंधित यातायात नियमों के उल्लंघन पर नये जुर्माने 15 अक्टूबर से प्रभाव में आएंगे. इससे पहले प्रदेश की भाजपा सरकार ने हाल ही में संसद द्वारा पारित मोटर वाहन अधिनियम के भारी-भरकम जुर्माने वाले प्रावधानों में छूट देने की घोषणा की थी. अब गुजरात में बिना हेलमेट या बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने पर 1 हज़ार रुपये की जगह सिर्फ 500 रुपये का जुर्माना देना होगा.

बिना लाइसेंस के कार चलाने पर 5 हज़ार रुपये की जगह 3 हज़ार रुपये और बिना लाइसेंस के Two Wheeler चलाने पर 5 हज़ार रुपये की जगह सिर्फ 2 हज़ार रुपये का जुर्माना लगेगा. इसी तरह दो पहिया वाहनों पर Trippling करने वालों को एक हज़ार रुपये की जगह सिर्फ 100 रुपये का जुर्माना देना होगा.

आप कह सकते हैं कि गुजरात सरकार ने ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को भारी छूट दे दी है. पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं होने पर राज्य सरकार ने 500 रुपये के जुर्माने का प्रस्ताव रखा है. नये मोटर वाहन कानून में भी यह राशि समान है. प्रदेश के परिवहन मंत्री आर सी फलदू ने कैबिनेट की बैठक के बाद गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें पता चला है कि बाजार में पर्याप्त संख्या में हेलमेट नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है.

इसलिए राज्य सरकार ने नये जुर्माने को लागू करने के लिए समयसीमा 15 अक्टूबर तक बढ़ाने का निर्णय किया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह भी सच है कि पीयूसी प्रमाणपत्रों के लिए लोग लंबी कतारों में खड़े हैं. इसलिए इस मुद्दे पर कई वर्गों की मांग के बाद हमने इस संबंध में समयसीमा को भी 15 अक्टूबर तक बढ़ाने का फैसला किया है.’’

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अगले 10 दिन में राज्यभर में 900 नये पीयूसी केंद्र खोलने के लिए परमिट देगी जिससे मौजूदा केंद्रों पर भार कम होगा.