close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

7 बार के विधायक पर्चे में लिखना भूल गए थे चुनाव क्षेत्र का नाम, निर्वाचन हुआ रद्द

गुजरात की द्वारका विधानसभी सीट से बीजपी के विधायक से हो गई बड़ी भूल, जीतकर भी हार गए.

7 बार के विधायक पर्चे में लिखना भूल गए थे चुनाव क्षेत्र का नाम, निर्वाचन हुआ रद्द
फाइल फोटो

नई दिल्लीः गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार (12 अप्रैल) को 2017 द्वारका विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक पबुभा माणेक का निर्वाचन खारिज कर दिया है. अब इस सीट पर दोबारा चुनाव होंगे. हाईकोर्ट ने माणेक का निर्वाचन गलत नामांकन पत्र भरने के चलते खारिज किया है. पबुभा माणेक के खिलाफ 2017 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अहीर मेरामन मर्खी ने ही इस मामले को गुजरात हाईकोर्ट में उठाया था. अहीर ने अपनी याचिका में कहा कि मानेक का निर्वाचन रद्द करना चाहिए क्योंकि उन्होंने दोषपूर्ण नामांकन पत्र भरा था.

अहीर की दलीलों को मंजूर करते हुए गुजरात हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति परेश उपाध्याय ने दिसंबर 2017 में द्वारका सीट के लिए हुए चुनाव को शुक्रवार (12 अप्रैल) को रद्द कर दिया. हालांकि अहीर ने अपने आप को विजेता घोषित करने की मांग भी की लेकिन अदालत ने इस अनुरोध को नहीं माना और केवल निर्वाचन रद्द करने का आदेश दिया.

अपनी याचिका में अहीर ने दावा किया कि मानेक अपने पर्चे में निर्वाचन क्षेत्र का नाम लिखना भूल गए. इस चूक के लिए उनका चुनाव रद्द करने की मांग की जाती है. बीजेपी के पबुभा माणेक ने कांग्रेस के अहीर मेरामन को 5700 से ज्यादा वोटों से हराया था. पबुभा माणेक 2012 और 2007 में भी बीजेपी के टिकट से ही इस सीट से विधायक चुने गए थे. जबकि 2002 में पबुभा माणेक कांग्रेस पार्टी से विधायक रहे थे. इससे पहले वह निर्दलीय के तौर पर इस सीट से लगातार तीन चुनाव जीत चुके है. साल 1990,1995 और 1998 में वह निर्दलीय एमएलए चुने गए थे.

(इनपुट एजेंसी भाषा से भी)