Haryana By elections result 2020: सियासी अखाड़े में चित हुए ओलंपियन योगेश्वर दत्त, कांग्रेस उम्मीदवार ने 12,300 वोट से दी पटखनी

 हरियाणा में बरोदा विधानसभा सीट (Baroda Legislative Assembly seat) पर हुए उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार व ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त दोपहर 2 तक काउंटिंग में 10,330 मतों से पीछे चल रहे थे.  

Haryana By elections result 2020: सियासी अखाड़े में चित हुए ओलंपियन योगेश्वर दत्त, कांग्रेस उम्मीदवार ने 12,300 वोट से दी पटखनी
फाइल फोटो

चंडीगढ: देश के लिए ओलंपिक मेडल जीत चुके पहलवान और सत्ताधारी पार्टी से सियासी सफर की शुरुआत करने वाले योगेश्‍वर दत्‍त (Yogeshwar Datt) को बरोदा उपचुनाव ( Baroda Bypoll)  में हार का सामना करना पड़ा. योगेश्‍वर को कांग्रेस प्रत्‍याशी इंदुराज नरवाल (Induraj Narwal) ने 12, 300 वोटों से पराजित किया.

कांटे की टक्कर में कांग्रेस की जीत
बरोदा सीट से 14 प्रत्याशी मैदान में थे. हरियाणा उपचुनाव के लिए भी मतगणना सुबह आठ बजे शुरू हुई. रेसलर योगेश्वर के उतरने से उपचुनाव कांटे की टक्कर माना जा रहा था. कांग्रेस प्रत्याशी शुरुआत से ही बढ़त बनाए हुए थे और  11 वें राउंड की गिनती तक योगेश्वर दत्त कांग्रेस उम्मीदवार से  10,000 से अधिक वोटों से पिछड़ चुके थे. बीस राउंड तक चली मतगणना दोपहर तीन बजे से पहले खत्म हो गई. 

कांग्रेस का गढ़ रही है बरोदा सीट
पिछले तीन चुनावों में भी कांग्रेस ने यहां लगातार अपनी जीत दर्ज की थी. चौथी बार भी कांग्रेस उम्मीदवार यह चुनाव जीतने में सफल रहे हैं. योगेश्वर की हार को इसलिए भी अप्रत्याशित माना जा रहा है क्योंकि खुद उपमुख्यमंत्री और पार्टी के बड़े नेताओं ने उनका प्रचार किया था. 

बीजेपी अध्यक्ष ने जताया अफसोस
दत्त की हार पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा, 'बरोदा सीट पहले से कांग्रेस के पास थीए हम अवसर को चुनौती में नहीं बदल पाए. यह सीट कांग्रेस के पास ही रह गई.खिलाड़ियों, पहलवानों के प्रदेश हरियाणा में योगेश्वर दत्त जैसे महान खिलाड़ी के विधानसभा नहीं पहुंचने का अफसोस. जनादेश स्वीकार

कृष्णा हुड्डा के निधन से खाली हुई थी सीट
बरोदा विधानसभा सीट अप्रैल में कांग्रेस विधायक श्री कृष्ण हुड्डा के निधन की से खाली हुई थी. वह इस सीट  से 2009, 2014 और 2019 में तीन बार चुनाव जीते थे. बरोदा उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधे मुकाबले के तौर पर देखा गया जहां सत्तारूढ़ बीजेपी की कोशिश नाकाम रही और कांग्रेस ने अपना किला बचा लिया.

भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए थी प्रतिष्ठा की लड़ाई
यह उपचुनाव पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई थी. जाट बहुल सीट रोहतक के गढ़ी सांपला किलोई सीट के पड़ोस में है. जहां से वे खुद हुड्डा विधायक हैं. उपचुनाव इंडियन नेशनल लोकदल के लिए भी अहम था, क्योंकि पार्टी 2019 के विधानसभा चुनाव में 90 में से केवल एक सीट जीत पाई थी.

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2019 में बीजेपी ने लहराया परचम
वहीं बीजेपी ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में राज्य की 90 सीटों में से 40 पर जीत दर्ज की थी और उसके बाद दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (JJP) के साथ मिलकर सरकार बनाई थी. 

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