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मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

मुंबई (Mumbai) की आरे कॉलोनी (Aarey Colony) में मेट्रो कार शेड के निर्माण के लिए और पेड़ों की कटाई मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सोमवार को सुनवाई करेगा

मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली: मुंबई (Mumbai) की आरे कॉलोनी (Aarey Colony) में मेट्रो कार शेड के निर्माण के लिए और पेड़ों की कटाई मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सोमवार को सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पेड़ों की कटाई (tree cutting) पर रोक लगा दी थी. जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस अशोक भूषण की विशेष पीठ ने महाराष्‍ट्र सरकार को आदेश दिया था कि वह अब कोई पेड़ नहीं काटें. कोर्ट (Court) ने यह भी कहा था कि इस पूरे मामले की समीक्षा करनी होगी. महाराष्‍ट्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्‍वस्‍त किया था कि राज्‍य सरकार की ओर से अब इस इलाके में कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने यह भी निर्देश दिया था कि पेड़ों की कटाई (tree cutting) का विरोध कर रहे जिन सामाजिक कार्यकर्ताओं को अब तक रिहा नहीं किया गया है उन्‍हें तुरंत रिहा किया जाए. इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्‍वस्‍त किया था कि सभी को तत्‍काल प्रभाव से रिहा कर दिया जाएगा. शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि मामले में जब तक फैसला नहीं आ जाता तब तक यथास्थिति बहाल रखी जाए. साथ ही यह भी निर्देश दिए थे कि केस में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भी एक पार्टी के तौर पर शामिल किया जाए.

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आपको बता दें कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ता, छात्र और स्थानीय लोग पेड़ों को काटे जाने का विरोध कर रहे थे. छात्रों की ओर से अधिवक्‍ता संजय हेगड़े ने दलीलें रखीं थी. कोर्ट ने कहा था कि आरे वन ना तो विकास क्षेत्र है और ना ही इको सेंस्टिव जोन है, जैसा कि याचिकाकर्ता ने दावा किया है. सुनवाई के दौरान जस्टिस अरुण मिश्रा ने पूछा था कि हमें बताएं कि यह इलाका क्‍या एक इको सेंस्टिव जोन है या नहीं. हम इसकी वास्‍तविकता जानना चाहते हैं. आप हमें दस्‍तावेज उपलब्ध कराएं. कोर्ट ने साफ कहा था कि आरे के जंगल को राज्य सरकार ने अवर्गीकृत वन समझा, जहां पेड़ों की कटाई अवैध है.