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करुणानिधि के अंतिम संस्कार को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में देर रात तक चली सुनवाई

यह विवाद उस समय पैदा हुआ जब डीएमके ने करुणानिधि के अंतिम संस्कार और समाधि स्थल के लिए मरीना बीच पर अन्ना के समाधि स्थल के पास जगह देने की मांग की थी.

करुणानिधि के अंतिम संस्कार को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में देर रात तक चली सुनवाई
सरकार द्वारा मरीना बीच पर करुणानिधि के अंतिम संस्कार को मंजूरी नहीं दिए जाने पर DMK ने हाईकोर्ट का रुख किया

नई दिल्ली : डीएमके प्रमुख एम. करुणानिधि के मरीना बीच पर अंतिम संस्कार को लेकर उठे विवाद पर मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई हो रही है. डीएमके के वकील हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस हुलुवादी जी रमेश के निवास पर पहुंचे और कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा. डीएमके ने देर शाम इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया था और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने सुनवाई के लिए इजाजत दे दी थी.

यह विवाद उस समय पैदा हुआ जब डीएमके ने करुणानिधि के अंतिम संस्कार और समाधि स्थल के लिए मरीना बीच पर अन्ना के समाधि स्थल के पास जगह देने की मांग की थी. तमिलनाडु सरकार ने डीएमके की इस मांग को ठुकरा दिया. सरकार ने अंतिम संस्कार के लिए गांधी मंडपम के पास दो एकड़ जमीन देने की बात कही, लेकिन डीएमके ने इससे इनकार कर दिया. उसके बाद यह मामला कोर्ट में पहुंचा. 

इस बीच हाईकोर्ट में दायर उस जनहित याचिका को मंगलवार देर शाम वापस ले लिया गया जिसमें अपील की गई थी कि मरीना बीच पर किसी शव को दफनाने की अनुमति नहीं दी जाए. मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हुलुवादी जी. रमेश और जस्टिस एसएस सुंदर की पीठ ने जब सुनवाई शुरू की तो याचिकाकर्ता ने आग्रह करते हुए याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी. याचिकाकर्ता वकील दुरईस्वामी ने कहा कि उन्होंने करुणानिधि के सम्मान में यह याचिका वापस ली है.

तमिलनाडु सरकार द्वारा मरीना बीच पर अंतिम संस्कार की मंजूरी नहीं दिए जाने पर करुणानिधि समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने चेन्नई में कई स्थानों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तोड़फोड़ की. उग्र भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा. 

बता दें कि जब जयललिता का निधन हुआ था तो मरीना बीच पर उनके अंतिम संस्कार को लेकर मुद्दा उठा था. कुछ समाजिक कार्यकर्ताओं ने मद्रास हाईकोर्ट में कुछ याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें कहा गया था कि मरीना बीच दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बीच है और एक मुख्य पर्यटक स्थल है. इसलिए इसे श्मशान घाट या कब्रिस्तान में न बदला जाए.

उधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य सरकार से इस मामले में राजनीति नहीं करते हुए मरीना बीच पर करुणानिधि के अंतिम संस्कार को अनुमति देने की अपील की है. दक्षिण भारत के सुपरस्टार रजनीकांत ने भी सरकार के इस फैसले का विरोध किया है. 

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उधर, एम. करुणानिधि का पार्थिक शरीर कावेरी हॉस्पिटल से निकालकर गोपालपुरम स्थित उनके आवास पर पहुंचा दिया है. अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए गोपालपुरम में समर्थकों का हुजूम उमड़ रहा है. बुधवार की शाम उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई नेता चेन्नई पहुंच रहे हैं. 

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करुणानिधि के निधन पर केंद्र तथा राज्य सरकार ने एक दिन के राष्ट्रीय तथा राजकीय शोक की घोषणा की है. तमिलनाडु में बुधवार को सभी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे. परिवहन विभाग की सेवाएं भी ठप रहेंगी. राज्य सरकार ने एक दिन के अवकाश की घोषणा की है. 

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चेन्नई का मरीना बीच दुनिया का सबसे बड़ा दूसरा बीच है. यह तमिलनाडु का प्रमुख पर्यटक स्थल है. यहां पर कई अन्य राजनेताओं के समाधि स्थल हैं. सीएन अन्नादुरई, एमजी रामचंद्रन और जयललिता का अंतिम संस्कार मरीना बीच पर ही किया गया था और यहां उनके समाधि स्थल भी बन हुए हैं. डीएमके के नेता चाहते हैं कि करुणानिधि का अंतिम संस्कार भी अन्नादुरई की समाधि के पास किया जाए.

करुणानिधि तमिलनाडु की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं. उन्होंने अपनी जीवन में 13 बार चुनाव लड़ा और हमेशा जीत हासिल की. वे 5 बार राज्य के मुख्यमंत्री बने. उन्होंने चेन्नई के कावेरी हॉस्पिटल में मंगलवार की शाम 6.10 बजे अंतिम सांस ली. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे.