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कश्मीर और हिमाचल में भारी बर्फबारी, कुल्लू में फंसे 48 छात्रों को रेस्क्यू किया गया

एक तरफ वादियों का मौसम खुशनुमा हो गया है तो वहीं दूसरी तरफ जगह-जगह सैलानी फंसे हुए हैं. 

कश्मीर और हिमाचल में भारी बर्फबारी, कुल्लू में फंसे 48 छात्रों को रेस्क्यू किया गया
कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी. (फोटो साभार- ANI)

कुल्लू: हिमाचल प्रदेश और कश्मीर में बुधवार रात से भारी बर्फबारी हो रही है. एक तरफ वादियों का मौसम खुशनुमा हो गया है तो वहीं दूसरी तरफ जगह-जगह सैलानी फंसे हुए हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के गुलाबा एरिया में भारी बर्फबारी के चलते असम से आए 48 छात्र फंस गए थे. गुरुवार को 'टीम रैप्टर्स' ने इन छात्रों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.

आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं द्वारा बनाई गई 'टीम रैप्टर्स' हिली एरिया में फंसे लोगों की मदद करती है. इस टीम ने असम के इन 48 छात्रों को गुलाबा से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. जानकारी के मुताबिक, कुल्लू के गुलाबा एरिया में काफी ज्यादा बर्फबारी होती है. 

उधर, कश्मीर में बुधवार-गुरुवार की रात से साल की पहली बर्फबारी शुरू हो गई है. राज्यों के मशहूर पर्यटन स्थल गुलमर्ग की वादियां पूरी तरह बर्फ की सफेद चादर गुलजार हो गई हैं. बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए सैलानी यहां पहुंच रहे हैं तो वहीं इस मौसम ने स्थानीय नागरिकों की परेशानियां बढ़ा दी हैं. कश्मीर को देश से जोड़ने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए बंद कर दिए गए हैं. 

मौसम विभाग के डिप्टी निर्देशक मुख़्तार अहमद ने कहा कि, "एक एडवाइजरी जारी कर हमने प्रशासन को अवगत किया है कि 6 नवंबर से 8 नवंबर तक जम्मू-कश्मीर और लदाख में भारी हिमपात और बारिश की संभावना है जिससे यातायात पर भी असर पड़ सकता है. इससे जम्मू-कश्मीर, लदाख समेत मुग़ल राजमार्ग बंद हो सकते हैं और यह प्रभाव 7 नवंबर आधी रात से और बढ़ेगा और 8 नवंबर दोपहर तक रहेगा.

मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है. इसके चलते सभी जिलों में कंट्रोल रूम बनाए हैं ताकि हर आपातकाल स्थिति से निपटा जा सके. बिजली पानी और रास्तों की स्थिति को सुचारू रखने के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं. वहीं, राशन और पानी जरूरी सामान को भी स्टॉक किया गया है ताकि आम आदमी को किसी दुविधा का सामना ना करना पड़े.