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नागौर: 'हर्बल मैन' राकेश चौधरी का हिमाचल में बजा डंका, सरकार से नवाचार के लिए अनुबंध

हर्बल मैन(Herbal Man)के नाम से मशहूर एक युवा किसान राकेश चौधरी ने हर्बल पैदावारी(Herbal Farming)के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए हिमाचल सरकार के साथ 100 करोड़ रुपए का एमओयू साइन किया है.

नागौर: 'हर्बल मैन' राकेश चौधरी का हिमाचल में बजा डंका, सरकार से नवाचार के लिए अनुबंध
उन्होंने आयुर्वेद से देश की तस्वीर बदलने की बात कही.

नागौर: देवभूमि हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के बहुमुखी विकास के मद्देनजर जयराम ठाकुर सरकार(Jayram Thakur Government) नवंबर में ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट (Global Investors Meet)से ठीक पहले आयोजित 'मिनी कॉन्क्लेव' का आयोजन करने जा रहा है. जिसमें राजस्थान(Rajasthan)के नागौर (Nagaur)ज़िले के एक छोटे से गांव राजपुरा का डंका बजा है. गांव में हर्बल मैन(Herbal Man)के नाम से मशहूर एक युवा किसान राकेश चौधरी ने हर्बल पैदावारी(Herbal Farming)के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए हिमाचल सरकार के साथ 100 करोड़ रुपए का एमओयू साइन किया है.

राजपुरा गांव के युवा किसान राकेश चौधरी ने कुछ समय पहले गांव में हर्बल पैदावारों की कल्पना की और कड़ी मेहनत कर इस कल्पना को हकीकत में भी बदला. इसके लिए उन्होंने गांव के हर एक किसान को साथ में लेकर अपनी मुहिम से जोड़ा. जिसके बाद हर्बल पैदावारी के क्षेत्र में नवाचारों पर ज़ोर दिया. लगातार परिश्रम और कोशिश करने के बाद अब इस युवा किसान राकेश चौधरी के चर्चे प्रदेश से बाहर तक पहुंच गए हैं.

दरअसल हर्बल मैन राकेश चौधरी ने हिमाचल प्रदेश की वनौषधि संपदा के टिकाऊ उपयोग, उच्च हिमालय क्षेत्रों के पौधों के कृषिकरण, प्रसंस्करण, शोध, अनुसंधान एवं मूल्य संवर्द्धन की दिशा में एक महत्वकांक्षी योजना को निवेश के लिए प्रस्तुत किया. राकेश चौधरी ने इस परियोजना की अभिव्यक्ति के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए. इस एमओयू के बाद राकेश आगामी 6 वर्षों में हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में औषधीय पौधों की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए 100 करोड़ रुपए का निवेश करेंगे. इस दौरान मूल्य संवर्द्धन एवं प्रसंकरण में इनकी और से उच्च वैज्ञानिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जाएगा.

राकेश चौधरी ने मीडिया से बताया कि जिस तरह सोने और पीतल में हम आसानी से फर्क कर सकते हैं, उसी तरह अब हमें जड़ी बूटियों में भी फ़र्क़ समझना होगा. जड़ी बूटियां अब जंगलों तक सीमित नहीं रहने वाली हैं. अब इन्हीं जड़ी बूटियों की वजह से देश की तक़दीर भी संवरने का समय आ गया है. भारत तो आयुर्वेद में विश्वगुरु है और हमें उसी विश्वगुरू वाली छवि को पुनर्जीवित करना होगा.

गौरतलब है कि राजस्थान में जब खेती और किसानों की बात की जाती है तो ब्याज, शोषण, प्राकृतिक आपदा जैसे ख्याल जेहन में उभर ही आते हैं. लेकिन हर्बल मैन राकेश ने किसानों के लिए जो सोचा है वह ना सिर्फ किसानों बल्कि राजस्थान के लिए भी खेती के क्षेत्र में एक नया दौर लाने की अहम कड़ी साबित होगी.