टैक्स पेयर्स को 1 साल तक नहीं मिलेगी सब्सिडी, जानें क्या हैं हिमाचल कैबिनेट फैसले

कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत करने के लिए कई निर्णय लिए गए.

टैक्स पेयर्स को 1 साल तक नहीं मिलेगी सब्सिडी, जानें क्या हैं हिमाचल कैबिनेट फैसले
हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट की बैठक | फोटो साभार: cmohimachal.com

शिमला: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट की बैठक हुई. इस मीटिंग में अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से घोषित हुए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के लिए धन्यवाद दिया गया. कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत करने के लिए कई निर्णय लिए गए.

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसले

रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने, लघु और छोटी इकाइयों के नियोक्ताओं और छोटे ठेकेदारों को सुविधा देने के लिए कॉन्ट्रेक्ट लेबर (आर एंड ए) अधिनियम, 1970 को प्रदेश में लागू करने के लिए धारा-1 सब सेक्सन-4 में जरूरी संशोधन को अनुमति दी गई. संशोधन में अनुबंध रोजगार की सीमा 20 से बढ़ाकर 30 श्रमिक करने का प्रस्ताव भी है. इससे राज्य में औद्योगिक निवेश, उत्पादन और व्यापार करने में आसानी के लिए भी सहायता मिलेगी.

औद्यौगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा- 22, (1) धारा 25 (बी) धारा 25-के में संशोधन करने पर सहमति हुई.

जिला मंडी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टीहरा को 50 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल में बदलने की अनुमति दी.

कुल्लू जिले के भेखली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने को स्वीकृति मिली.

जिला सिरमौर के नाहन में ग्राम कुंडाला (गुमटी) में मैसर्स एल्को स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में आश्रय पत्र की वैधता अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया.

पोस्ट कोविड-19 इकॉनोमिक रिवाइवल के लिए गठित मंत्रिमंडलीय सब कमेटी के प्रस्ताव पर आयकर दाताओं को सार्वजनिक वितरण योजना के तहत सब्सिडी का लाभ पाने से एक साल के लिए बाहर रखने की मंजूरी दी गई.

मंत्रिमंडल ने बीपीएल/प्राथमिकता वाले परिवारों के लाभार्थियों के चयन के लिए ऊपरी आय सीमा को बढ़ाकर 45000 रुपये प्रस्तावित किया. इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम परिवारों की संख्या 1,50,000 तक बढ़ जाएगी, जिससे वे 3.30 रुपये प्रति किलो गेहूं, आटा और 2 रुपये प्रति किलो चावल बहुत ही रियायती दरों पर लेने के लिए पात्र हो जाएंगे. राज्य सरकार द्वारा एपीएल परिवारों को दी जा रही दालों, खाद्य तेल और चीनी पर सब्सिडी के युक्तिकरण के लिए भी अपनी स्वीकृति प्रदान की. मंत्रिमंडल ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में 15 अटल आदर्श विद्यालय खोलने का निर्णय लिया ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके.