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2050 तक सर्वाधिक ताकतवर भाषाओं में शामिल होगी हिन्दी, इंटरनेट पर भी बढ़ा है रुतबा

Hindi diwas: वर्ल्‍ड इकोनॉमिक फोरम की एक रिपोर्ट के अनुसार 2050 तक हिंदी को विश्‍व की सबसे ताकतवर भाषाओं में शामिल होगी.

2050 तक सर्वाधिक ताकतवर भाषाओं में शामिल होगी हिन्दी, इंटरनेट पर भी बढ़ा है रुतबा
आज देश-दुनिया में मनाया जा रहा है हिंदी दिवस. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली (कोमल निगम) : आज हिन्दी दिवस (hindi diwas) है और सभी भारतीय इस दिन को बड़े ही उत्साह के साथ मना रहे हैं. क्योंकि आज के ही दिन संविधान सभा ने हिन्दी को देश की आधिकारिक भाषा के रूप में चुना था. वैसे तो हिन्दी की उपयोगिता के बारे में किसी भी तरह की प्रामाणिकता की जरूरत नहीं हैं, लेकिन जिस तरह से आज इसका प्रयोग इंटरनेट पर बढ़ रहा है, यह अपने आप में बड़ी बात है.

आज इंटरनेट पर हिन्दी का प्रयोग व्यापक स्तर पर किया जाता है. हिन्दी तीसरे स्थान पर सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है. वहीं वर्ल्‍ड इकोनॉमिक फोरम की एक रिपोर्ट के अनुसार 2050 तक हिंदी को विश्‍व की सबसे ताकतवर भाषाओं में शामिल होगी.

गूगल पर भी हिन्दी ही हिन्दी
हिन्दी का प्रयोग आज के समय पर इतना ज्यादा बढ़ गया है कि गूगल जैसे बढ़े प्लेटफार्म पर भी लोग अंग्रेजी से ज्यादा हिन्दी का प्रयोग करते हैं. एक रिपोर्ट में प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक भारत में पिछले दो सालों में गूगल पर अंग्रेजी से ज्यादा हिन्दी का प्रयोग 80 प्रतिशत ज्यादा किया गया है. इस बात को ध्यान में रखते हुए गूगल पर सर्च इंजन भी दो भाषाओं में आता है, एक अंग्रेजी और दूसरी हिन्दी.

अंग्रेजी से ज्यादा हिन्दी में करते हैं बातें
आज के समय में हिन्दी की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए मोबाइल में भी हिन्दी के प्रयोग को बढ़ा दिया गया है. व्हॉट्सएप पर भी लोग अंग्रेजी से ज्यादा हिंदी में चैट करते हैं. अब तो व्हॉट्सएप पर जोक भी अंग्रेजी से ज्यादा हिन्दी में आते हैं. जो अपने आप में दर्शाती है कि हिन्दी की उपयोगिता कितनी ज्यादा बढ़ गई है.

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इसके साथ ही फेसबुक, इंस्टाग्राम पर भी यूजर्स अंग्रेजी से ज्यादा लोग हिन्दी का प्रयोग करते हैं. भारत में 20 करोड़ से ज्यादा लोग व्हॉट्सएप के अलावा अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट का प्रयोग करते हैं, जिसमें ज्यादा से ज्यादा लोग हिन्दी का प्रयोग करते हैं.

हिन्दी सीखने के लिए अमेरिका ने खर्च किए थे 114 मिलियन डॉलर
आपको जानकर हैरानी होगी कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जार्ज बुश ने हिन्दी की शिक्षा के लिए 114 मिलियन डॉलर का बजट आवंटित किया था. इसके अलावा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा तैयार पावर लैंग्वेज इंडेक्स के मुताबिक 2050 तक हिंदी दुनिया की ताकतवर भाषाओं में से एक होगी.