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राजस्थान : दीपावली पर दिये बनाने वाले कुम्हारों की उम्मीदें जगीं

राजस्थान ब्राह्मण महासभा, शक्ति मंच व ऑटो चालक यूनियन की ओर से दीपावली पर चाइनिज सामान का बहिष्कार कर साढे चार लाख दीये वितरित  करने का निर्णय लिया है. 

राजस्थान : दीपावली पर दिये बनाने वाले कुम्हारों की उम्मीदें जगीं
प्रतीकात्मक तस्वीर

नरेंद्र राठौड़/ चूरू/ सरदारशहर : लगता है कि इस बार सरदारशहर के कुम्हारों की दिवाली कई वर्षों बाद अच्छी होने वाली है, क्योंकि इस बार शहर के कई संगठन सिर्फ सोशल मीडिया पर ही सीमित रह कर चाइनीज सामान का बहिष्कार नहीं कर रहे हैं बल्कि  इस बार शहर के कई संगठन आगे आकर कुम्हारों को ज्यादा से ज्यादा, दीयों की मांग बढ़े और दिवाली पर सिर्फ दीयों का ही उपयोग हो इसलिए काम कर रहे हैं.

दिपावली आते ही सबसे ज्यादा शोर शराबा चाइनीज लाइट को लेकर रहता है तमाम संगठन सोशल मीडिया के माध्यम से यह प्रचार करने में जुट जाते हैं कि इस बार हमें चाइनीज सामान का बहिष्कार करना है वही इसमें सच्चाई भी है कि चाइनीज लाइटें और चाइनीज दीयों के बढ़ते उपयोग से स्थानीय कुम्हार जाति जो दिये बनाती है. उनके रोजगार पर गहरा संकट मंडराने लगा है . जिसके चलते अधिकांश कुम्हारों ने दिए बनाने बंद कर दिए हैं.. लेकिन कुछ एक कुम्हार अभी अपने पुश्तैनी काम में लगे हुए हैं और दिपावली के  मध्य  तेजी से दीए बनाने में जुटे हुए हैं.

राजस्थान ब्राह्मण महासभा, शक्ति मंच व ऑटो चालक यूनियन की ओर से दीपावली पर चाइनिज सामान का बहिष्कार कर साढे चार लाख दीये वितरित  करने का निर्णय लिया है. जिसमें ऑटो यूनियन और शक्ति मंच की ओर से सवा दो लाख और ब्राह्मण महासभा की ओर से सवा दो लाख दीये वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर ऑटो यूनियन के अध्यक्ष जितेन्द्रसिंह राजवी, ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष कालूराम तिवाड़ी और शक्ति मंच के विक्रमसिंह तंवर ने कुंभकार को दीये बनाने के लिए ऑडर भी दिया.

संगठनों के दिए के साथ दिवाली बनानी के निर्णय के बाद स्थानीय दिए बनाने वाले कामगारों की भी आशा बढ़ गई है  दिए बनाने वाले कुम्हारों का कहना है कि यदि इस प्रकार के निर्णय धरातल पर लागू हो जाते हैं तो निश्चित रूप से हमारे पुश्तैनी काम को एक नई ऊर्जा मिल सकती है और लुप्त होती दिए से दिवाली बनाने की प्रथा को भी नया जीवनदान मिलेगा.