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27 सितंबर को ED के दफ्तर जाऊंगा, मैं संविधान में विश्वास रखने वाला व्यक्ति हूंः शरद पवार

'मुझे जेल जाने में कोई दिक्कत नहीं है. मुझे खुशी होगी क्योंकि मुझे अभी तक यह अवसर प्राप्त नहीं हुआ है. अगर किसी ने मुझे जेल भेजने का प्लान किया है तो मैं इसका स्वागत करता हूं.'

27 सितंबर को ED के दफ्तर जाऊंगा, मैं संविधान में विश्वास रखने वाला व्यक्ति हूंः शरद पवार

मुंबईः महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 (Maharashtra Assembly Elections 2019) से पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपने खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) यानि ईडी द्वारा केस दर्ज किए जाने पर कहा है कि मैं जांच में सहयोग करूंगा और 27 सितंबर को ईडी दफ्तर जाऊंगा.

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम  शरद पवार ने कहा, 'मेरे पास जानकारी आयी कि केंद्र सरकार के प्रवर्तन निदेशालय विभाग ने मेरा नाम डाला है. ईडी ने मेरे खिलाफ गुनाह दाखिल किया है. इस संदर्भ में जांच एजेंसी को मैं सहयोग करूंगा. क्या मामला है समझना चाहिए. मैं समय लूंगा कि एक महीना चुनाव प्रचार में बिजी रहूंगा. 27 सितंबर को दोपहर 2 बजे मैं ED के आफिस जाऊंगा. जो भी जानकारी चाहिए मैं उन्हें दूंगा. मैं संविधान में विश्वास रखने वाला व्यक्ति हूं.'

इससे पहले मंगलवार को जब शरद पवार को पता चला कि उनके खिलाफ ईडी ने केस दर्ज किया है तो उन्होंने कहा था, 'केस दाखिल हो चुका है, मुझे जेल जाने में कोई दिक्कत नहीं है. मुझे खुशी होगी क्योंकि मुझे अभी तक यह अवसर प्राप्त नहीं हुआ है. अगर किसी ने मुझे जेल भेजने का प्लान किया है तो मैं इसका स्वागत करता हूं.'

शरद पवार के खिलाफ केस दर्ज किए को लेकर आज मुंबई में ईडी दफ्तर में एनसीपी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. 

उधर इस मामले पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि ईडी कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रही है. देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'जो घोटाला हुआ ,उसपर एक याचिका दाखिल हुई थी. और याचिकाकर्ता ने आरोप किया था कि फलां-फलां का इन्वॉल्वमेंट है.बॉम्बे हाईकोर्ट की ताकीद के बाद एफआईआर हुई और एजेंसी जांच कर रही है. चूंकि ज्यादा बडी रकम का मामला इसलिए ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग की जांच हो रही है. '

महाराष्ट्र के सीएम ने कहा, 'राजनीतिक बदले की भावना से कोई कारवाई नहीं हो रही हैं. और ना ही जरूरत है. हमारी (शिवसेना और बीजेपी की महागठबंधन) सरकार बनना तय है. हम क्यों राजनीतिक बदले की कारवाई करेंगे.'

यह भी पढ़ेंः शरद पवार के खिलाफ ED की जांच पर बोले CM फडणवीस, 'बदले की भावना से नहीं हो रही है कार्रवाई'

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले (Maharashtra State co bank scam) में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) पर मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) का मामला दर्ज किया है. बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay Highcourt) के आदेश के बाद इस घोटाले के मामले में मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक्स ऑफेन्स विंग ने एफआईआर दर्ज की थी जिसमें शरद पवार और उनके भतीजे अजीत पवार सहित कुल 70 पूर्व संचालक का नाम था. 

आरोप है कि इन संपत्तियों को बेचने, सस्ते लोन देने और उनका पुनर्भुगतान नहीं होने से बैंक को 2007 से 2011 के बीच करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ. महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री और तत्कालीन वित्त मंत्री अजित पवार उस समय बैंक के डायरेक्टर थे. नाबार्ड ने महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव सोसायटी अधिनियम के तहत इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें पवार और अन्य लोगों को बैंक घोटाले का आरोपी बनाया गया.